बठिंडा (पंजाब): सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी, जो इंटरनेट पर ‘कमल कौर भाभी’ के नाम से मशहूर थीं, उनकी हत्या के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों की 5 दिन की पुलिस रिमांड बुधवार को समाप्त हो गई। इसके बाद उसे बठिंडा कोर्ट में दोबारा पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है।
पुलिस रिमांड और जांच की स्थिति
अमृतपाल को कोर्ट में पेश करने वाले एसआई रघवीर सिंह बंगी ने बताया कि रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। हालांकि, रिमांड के दौरान पुलिस को क्या महत्वपूर्ण सुराग मिले, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस ने केवल इतना कहा कि मामले की जांच जारी है और जो भी तथ्य सामने आए हैं, वे अभी साझा करने योग्य नहीं हैं।
पुलिस ने शुरुआत में 7 दिन की रिमांड मांगी थी, ताकि आरोपी से हत्या में शामिल अज्ञात सहयोगियों और मृतक के मोबाइल फोन के ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई जा सके, लेकिन कोर्ट ने तब केवल 5 दिन की रिमांड दी थी।
मामले की पृष्ठभूमि
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गिरफ्तारी: अमृतपाल ने वारदात के बाद विदेश भागने की कोशिश की थी, लेकिन उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
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घटना का खुलासा: 11 जून, 2025 को बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर एक प्राइवेट मेडिकल यूनिवर्सिटी की पार्किंग में एक कार के भीतर कंचन कुमारी का शव मिला था। कार पर नकली नंबर प्लेट लगी थी। चौंकाने वाली बात यह थी कि अमृतपाल ने सोशल मीडिया पर खुद ही इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
कौन थीं ‘कमल कौर भाभी’?
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कंचन कुमारी, जिन्हें लोग ‘कमल कौर भाभी’ के नाम से जानते थे, इंस्टाग्राम पर काफी लोकप्रिय थीं और उनके 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे।
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वे अपने ‘डबल मीनिंग’ वीडियो के लिए चर्चा में रहती थीं और उन्हें अक्सर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता था।
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अमृतपाल मेहरों से उनका विवाद तब बढ़ा था जब उसने कंचन की कई पोस्टों का खुलेआम विरोध करना शुरू कर दिया था।
अमृतपाल के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद, अब इस हत्याकांड से जुड़े बाकी रहस्यों और हत्या के असली कारणों के खुलासा होने का इंतजार है।