नई दिल्ली: बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों की जब भी बात होती है, तो साल 2001 में आई फिल्म ‘चोरी चोरी चुपके चुपके’ का जिक्र जरूर आता है। सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा स्टारर यह फिल्म पर्दे पर जितनी सफल रही, पर्दे के पीछे उतनी ही विवादों में घिरी रही। हाल ही में दिग्गज फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने इस फिल्म से जुड़े कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
सलमान खान की ‘डेट्स’ और भरत शाह का भरोसा
राम गोपाल वर्मा ने क्राइम ऑथर हुसैन एस. जैदी के पॉडकास्ट में बताया कि इस फिल्म की शुरुआत कैसे हुई। उन्होंने बताया कि उस वक्त मशहूर फाइनेंशियर भरत शाह को एक व्यक्ति (नाजिम रिजवी) मिला, जिसने दावा किया कि उसके पास सलमान खान की डेट्स हैं। भरत शाह ने इस बात की पुष्टि करने के लिए सीधे सलमान खान को फोन किया। जब सलमान ने हामी भरी, तो भरत शाह को भरोसा हो गया और उन्होंने फिल्म में पैसा लगा दिया।
प्रोड्यूसर का ‘छोटा शकील’ कनेक्शन
फिल्म की शूटिंग तो शुरू हो गई, लेकिन जल्द ही यह बात सामने आई कि प्रोड्यूसर नाजिम हसन रिजवी के तार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से जुड़े हुए हैं। राम गोपाल वर्मा के अनुसार, भरत शाह को इस बात की भनक लगी थी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया। उन्हें लगा कि चूंकि वे खुद एक वैध व्यापार (फिल्म निर्माण) कर रहे हैं, तो प्रोड्यूसर के किसी अपराधी से संबंध होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
पुलिस की ट्रैपिंग और भरत शाह की गिरफ्तारी
मामला तब गंभीर हो गया जब मुंबई पुलिस ने फोन टैपिंग शुरू की। पुलिस को शक था कि अंडरवर्ल्ड के पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल फिल्म इंडस्ट्री में हो रहा है। राम गोपाल वर्मा ने याद करते हुए बताया कि भरत शाह उस वक्त बेहद डरे हुए थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की कि क्या छोटा शकील उनके इशारे पर काम कर रहा है, जिस पर भरत भाई ने सफाई दी थी कि वे सिर्फ एक फिल्ममेकर हैं और उनका अपराध से कोई लेना-देना नहीं है।
नतीजा: कोर्ट का फैसला और जेल की सजा
अंततः साल 2001 में मुंबई पुलिस ने भरत शाह और नाजिम रिजवी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने भरत शाह को इस बात का दोषी पाया कि उन्हें प्रोड्यूसर के अंडरवर्ल्ड संबंधों की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने इसे छिपाया। इस जुर्म में उन्हें एक साल की जेल की सजा काटनी पड़ी।