Haryana Desk: हरियाणा भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल के सम्मान को लेकर पैदा हुआ विवाद अब शांत होता दिख रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने इस मामले में नरम रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि पार्टी कुलदीप बिश्नोई को कोई नोटिस जारी नहीं करेगी।
नोटिस की चर्चाओं पर विराम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि कुलदीप बिश्नोई को अनुशासनहीनता के लिए नोटिस दिया जाएगा। बड़ौली ने कहा, “कुलदीप बिश्नोई पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे फिलहाल विदेश में हैं और उनके भारत लौटने पर बैठकर विस्तार से बात की जाएगी।”
विवाद की मुख्य वजह
विवाद की शुरुआत राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की एक टिप्पणी से हुई थी। उन्होंने एक रैली के दौरान चौधरी भजन लाल के चुनाव जीतने के पुराने तरीकों पर सवाल उठाए थे। इस पर कुलदीप बिश्नोई ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया पर रेखा शर्मा से माफी की मांग की थी और कहा था कि परिवार के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।
खट्टर की मध्यस्थता और सियासी समीकरण
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हस्तक्षेप किया है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा बिश्नोई समाज और भजन लाल के समर्थकों को नाराज नहीं करना चाहती। खट्टर की मध्यस्थता के बाद ही पार्टी ने विवाद को बातचीत से सुलझाने का फैसला किया है।
गलतफहमी दूर करने की कोशिश
बड़ौली के बयान से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को तूल देने के बजाय आपसी सहमति से खत्म करना चाहती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आमने-सामने की बातचीत से सभी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी और संगठन की एकता बनी रहेगी।