हरियाणा में 14 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार ने मानी 12 मुख्य मांगें

Haryana

रोहतक: हरियाणा में पिछले दो हफ्तों से चल रही सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। रोहतक में राज्य स्तरीय प्रधान नरेश शास्त्री की अध्यक्षता में हुई कर्मचारियों की बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने की आधिकारिक घोषणा की गई। सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई मैराथन बैठक में 12 प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया।

सरकार के साथ इन मांगों पर बनी सहमति

बुधवार को शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिवों के साथ करीब 6 घंटे चली वार्ता के बाद निम्नलिखित बड़े फैसले लिए गए:

  • न्यूनतम वेतन में भारी बढ़ोतरी: ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों का वेतन अब 7-8 हजार से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया गया है। वेतन का भुगतान अब बैंक के माध्यम से होगा।

  • बीमा और भविष्य निधि: सभी कर्मचारियों को अब ESI (राज्य कर्मचारी बीमा) और EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) का लाभ मिलेगा।

  • मृत्यु सहायता राशि: ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही आश्रित को नौकरी देने के लिए 25 साल की आयु सीमा की शर्त भी हटा दी गई है।

  • अग्निशमन कर्मचारियों के लिए राहत: फरीदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वर्दी और जोखिम भत्ते के रूप में 5-5 हजार रुपये देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की तैयारी

  • नियमितीकरण: फरीदाबाद के 261 कर्मचारियों को पक्का करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा पे-रोल पर लगे 1,250 कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा, जिन्हें आयु और सीटेट की शर्त से छूट मिलेगी।

  • पदों का सृजन: युक्तीकरण के तहत करीब 4,500 नए पद बनाए जाएंगे और 13 हजार कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट देकर नियमित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

शहर को मिलेगी गंदगी से राहत

पिछले 14 दिनों से सफाई ठप होने के कारण रोहतक सहित प्रदेश के कई शहरों में गंदगी के ढेर लग गए थे और बदबू से जनता परेशान थी। हड़ताल खत्म होने के बाद अब युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाकर शहरों को स्वच्छ किया जाएगा।

ठेकेदारों पर नकेल

प्रधान नरेश शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ठेकेदार ने भुगतान या अन्य नियमों में गड़बड़ी की, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही स्वीपिंग (सफाई) में लगे कर्मचारियों को तेल और साबुन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रशासन मुहैया कराएगा।

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