कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र जिले में जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों के सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का काम तेजी से चल रहा है। इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद जनगणना का काम शुरू न करने वाले दो क्लर्कों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कुरुक्षेत्र के उपायुक्त (DC) विश्राम मीणा ने साफ चेतावनी दी है कि जनगणना के काम में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीसी ने यह कड़ा कदम उठाया। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को जनगणना को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे।
कुरुक्षेत्र में 1704 ब्लॉकों में चल रहा है काम
डीसी विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में जनगणना के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए 1704 ब्लॉक बनाए गए हैं। सभी ब्लॉकों में काम युद्ध स्तर पर चल रहा है और अब तक 116 ब्लॉकों में काम पूरा भी किया जा चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर जिले में इस कार्य का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया जाएगा।
30 मई तक चलेगा पहला चरण: ऐप के जरिए होगा ऑनलाइन सर्वे
जनगणना 2027 का यह पहला चरण है, जिसमें मकानों का सूचीकरण और उनकी गणना की जा रही है। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
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अंतिम तिथि: मकान सूचीकरण का यह काम 30 मई तक पूरा किया जाएगा।
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क्या जानकारी ली जाएगी: प्रगणक (इन्वेस्टिगेटर) घर-घर जाकर मकान की स्थिति, परिवार की बुनियादी जानकारी और उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का विवरण एक विशेष ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं।
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डेटा की सुरक्षा: एकत्रित किए गए सभी आंकड़े पूरी तरह से गोपनीय रखे जाएंगे। इस डेटा का उपयोग सरकार द्वारा जनता के कल्याण के लिए नीतियां बनाने में किया जाएगा।
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सत्यापन प्रक्रिया: प्रगणकों द्वारा डेटा जुटाए जाने के बाद पहले सुपरवाइजर और फिर चार्ज ऑफिसर इसका बारीकी से सत्यापन (वेरिफिकेशन) करेंगे।
प्रशासन की जनता से अपील: प्रगणकों को न दें कोई ओटीपी या दस्तावेज
डीसी ने जिले के सभी मकान मालिकों और किरायेदारों से अपील की है कि वे घर आने वाले जनगणना कर्मियों को सही और सटीक जानकारी देकर सहयोग करें।
महत्वपूर्ण चेतावनी: उन्होंने आमजन को सचेत करते हुए स्पष्ट किया कि इस कार्य के लिए प्रगणक किसी भी प्रकार का ओटीपी (OTP) या आपके निजी दस्तावेज (कागजात) नहीं मांगेंगे। इसलिए किसी के साथ भी ऐसी जानकारी साझा न करें।
फरवरी में शुरू होगा दूसरा चरण
मकानों के सूचीकरण का यह पहला चरण पूरा होने के बाद, अगले साल फरवरी में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण के दौरान मुख्य रूप से देश की जनसंख्या की वास्तविक गिनती की जाएगी।