जालंधर: पंजाब के जालंधर शहर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है। सोमवार देर रात जालंधर के बस्ती पीर दाद रोड और राजा गार्डन इलाके में श्री गुटका साहिब और पावन पवित्र अंगों की बेअदबी का मामला सामने आया। इस घटना की खबर फैलते ही सिख संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय संगत में गहरा आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पूरे शहर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
आधी रात को मुख्य पुल और कपूरथला चौक पर चक्का जाम
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब 11 बजे राजा गार्डन इलाके में पवित्र अंग बिखरे हुए मिले थे। सामाजिक भाईचारा बिगाड़ने की इस कथित साजिश के विरोध में लोग और निहंग सिंह तुरंत सड़कों पर उतर आए।
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प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी: संगत ने पुलिस और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए रात करीब 10:30 बजे ही बस्ती बावा खेल क्षेत्र के मुख्य पुल पर चक्का जाम कर पक्का धरना शुरू कर दिया।
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कपूरथला चौक पर प्रदर्शन: हालात उस समय और गंभीर हो गए जब देर रात करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी भारी संख्या में कपूरथला चौक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।
पुलिस प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बल तैनात
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। थाना बस्ती बावा खेल के एसएचओ (SHO) और एसीपी (ACP) आतिश भाटिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया और पूरे सम्मान व मर्यादा के साथ पावन अंगों को समेटकर आगे की कार्रवाई के लिए थाने भिजवाया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाली जा रही है।
अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज
इस पूरे मामले पर प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी देते हुए एडीसीपी (ADCP) सुखविंदर सिंह ने बताया कि माहौल खराब करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं।
बस्ती बावा खेल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
दूसरी ओर, निहंग सिंहों और सिख जत्थेबंदियों ने दो टूक कहा है कि धर्म का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को ऐसे मामलों में समाज के लिए एक कड़ा उदाहरण (मिसाल) पेश करना चाहिए।