कलानौर: ऐतिहासिक कस्बा कलानौर के रहने वाले रिटायर्ड सैनिक और खालसा पंचायत के अध्यक्ष भाई राजिंदर सिंह भंगू के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके बेटे लांस नायक प्रभशरण सिंह की ड्यूटी पर लौटते समय ट्रेन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जम्मू से मेरठ हुआ था ट्रांसफर, छुट्टी बिताकर लौटे थे
मृतक सैनिक के पिता राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि उनका बेटा प्रभशरण सिंह ‘9 पंजाब सिख रेजिमेंट’ में शामिल था। पहले उसकी तैनाती जम्मू में थी, लेकिन हाल ही में उसका ट्रांसफर मेरठ के लिए हुआ था। प्रभशरण कुछ दिन की छुट्टी बिताने के बाद अपने परिवार से विदा लेकर मेरठ ड्यूटी पर जॉइन करने के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
मुकेरियां स्टेशन पर ली थी आखिरी तस्वीरें, सुबह नहीं आया फोन
परिजनों के अनुसार, प्रभशरण सिंह शनिवार शाम को अपनी पत्नी, भाई अमृत और पूरे परिवार के साथ मुकेरियां रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां से उन्होंने मेरठ के लिए ट्रेन पकड़ी थी।
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स्टेशन पर खिंचवाई थी फोटो: स्टेशन पर प्रभशरण बेहद खुश थे और उन्होंने अपने परिवार के साथ मोबाइल से कई तस्वीरें भी खींची थीं।
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फोन न आने पर बढ़ी चिंता: प्रभशरण ने परिवार से वादा किया था कि वह मेरठ पहुंचकर रविवार सुबह 8 बजे फोन करेंगे। लेकिन जब रविवार सुबह उनका फोन नहीं आया, तो परिजनों ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की। फोन पर लगातार घंटी बजती रही, पर किसी ने फोन नहीं उठाया।
मोबाइल लोकेशन से जोधपुर में ट्रेस हुई ट्रेन, शौचालय में मिला शव
रविवार दोपहर तक जब प्रभशरण से कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो परेशान पिता ने कलानौर थाने के एसएचओ (SHO) जतिंदर पाल सिंह को मामले की जानकारी दी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभशरण के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया, जिससे उसकी लोकेशन राजस्थान के जोधपुर के पास मिली। कलानौर पुलिस ने तुरंत रेलवे पुलिस (GRP) से संपर्क साधा। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर जब शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन की सघन जांच की गई, तो ट्रेन के शौचालय (टॉयलेट) से फौजी प्रभशरण सिंह का शव बरामद हुआ।
2013 में सेना में हुए थे भर्ती, पीछे रोता छोड़ गए मासूम परिवार
लांस नायक प्रभशरण सिंह साल 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और देश की सेवा कर रहे थे। उनकी अचानक हुई इस मौत से उनका हंसता-खेलता परिवार बिखर गया है। वह अपने पीछे अपनी पत्नी के अलावा एक 7 साल की बेटी और 5 साल के मासूम बेटे को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों ने जताया गहरा दुख
देश के जवान की इस असमय और संदिग्ध मौत पर पंजाब के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर ने मृतक के पिता राजिंदर सिंह भंगू से फोन पर बात की और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल पंथक लहर के भाई रणजीत सिंह खालसा, दल खालसा के भाई बिक्रमजीत सिंह भट्टी, पूर्व सैनिक यूनियन के चैन सिंह, नरिंदर सिंह खैहरा और इलाके के कई गणमान्य नागरिकों व सरंपचों ने पीड़ित परिवार से मिलकर इस गहरे दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया।