हरियाणा में महा-अभियान: 2002 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर वोटर लिस्ट का री-वेरिफिकेशन शुरू, जानें जरूरी तारीखें

Haryana

चंडीगढ़: हरियाणा में आज से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का शंखनाद हो रहा है। राज्य में वर्ष 2002 के बाद पहली बार इतने व्यापक स्तर पर मतदाता सूची को सुधारा जा रहा है। अगले 30 दिनों तक चलने वाले इस महा-अभियान के तहत 20,629 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे।

14 जुलाई तक चलेगा अभियान, फॉर्म भरना है अनिवार्य!

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि यह विशेष अभियान 14 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान:

  • बीएलओ प्रत्येक घर जाकर मतदाताओं को एक एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) सौंपेंगे।

  • सभी मतदाताओं के लिए इस फॉर्म को भरकर और हस्ताक्षर (Sign) करके वापस देना अनिवार्य होगा।

  • चेतावनी: यदि कोई मतदाता इस फॉर्म को भरकर जमा नहीं करता है, तो उसका नाम अंतिम वोटर लिस्ट से काटा जा सकता है।

वोटर लिस्ट का पूरा शेड्यूल (महत्वपूर्ण तारीखें):

  • 21 जुलाई: प्रारूप मतदाता सूची (Draft Roll) का प्रकाशन।

  • 21 जुलाई से 20 अगस्त: मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय।

  • 22 सितंबर: सभी सुधारों के बाद ‘अंतिम मतदाता सूची’ (Final Voter List) जारी होगी।

निगरानी के लिए बड़ा प्रशासनिक अमला तैनात

इतने बड़े स्तर पर हो रहे सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने भारी फोर्स तैनात की है:

  • सुपरवाइजर: 2,245

  • अतिरिक्त निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी: 162

  • सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी: 489

  • निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी: 89

  • हेल्पलाइन नंबर: किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए मतदाता टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

राजनीतिक दलों ने तैनात किए 31,000 से ज्यादा एजेंट

इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने कुल 31,764 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए हैं। पार्टियों का विवरण इस प्रकार है:

राजनीतिक दल तैनात किए गए BLA की संख्या
भाजपा (BJP) 17,125
कांग्रेस (Congress) 13,736
सीपीआई-एम (CPI-M) 307
इनेलो (INLD) 289
जेजेपी (JJP) 86

निर्वाचन आयोग के सामने 5 बड़ी चुनौतियां

  1. हाईराइज (ऊंची) आवासीय इमारतों और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचना।

  2. हर परिवार से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाना और उसे वापस कलेक्ट करना।

  3. फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला जैसे बड़े शहरों में मतदाताओं की सटीक मैपिंग करना।

  4. सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी और पर्याप्त बीएलए की नियुक्ति सुनिश्चित करना।

  5. वोटर लिस्ट से दोहरे (Double), मृत और शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम पूरी तरह साफ करना।

आयोग की रणनीति: चुनाव आयोग के अनुसार, इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और ग्रामीण इलाकों में सरपंचों का विशेष सहयोग लिया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने से वंचित न रहे।

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