गुरुग्राम/मनाली: हिमाचल प्रदेश के मनाली में छुट्टियां मनाने गए गुरुग्राम के एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब रोहतांग-कोकसर मार्ग पर एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ एक झरने के पास फोटो खिंचवाने के दौरान कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार के अंदर बैठी 26 वर्षीय महिला और उनके महज 11 महीने के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
तस्वीरें खिंचवा रहा था परिवार, कार के अंदर थे मां-बेटा
मृतकों की पहचान भोंडसी (गुरुग्राम) के सियाराम एन्क्लेव निवासी तनु कुमारी और उनके 11 माह के बेटे दक्ष कुमार सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, यह परिवार मंगलवार रात को ही दिल्ली-एनसीआर से मनाली के लिए रवाना हुआ था।
बुधवार दोपहर को रोहतांग-कोकसर मार्ग पर स्थित एक खूबसूरत झरने को देखकर पूरा परिवार वहां रुक गया। तनु अपने मासूम बेटे दक्ष के साथ कार के अंदर ही बैठी थीं, जबकि उनके पति दीपक कुमार सिंह, साले अमन सिंह, मां सविता देवी और उनका 5 वर्षीय बड़ा बेटा गाड़ी से बाहर निकलकर झरने के पास तस्वीरें खिंचवाने लगे।
अचानक पीछे लुढ़की कार और मच गई चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब परिवार बाहर तस्वीरें क्लिक कर रहा था, तभी अचानक कार पीछे की ओर लुढ़कने लगी। ढलान होने के कारण कार ने रफ्तार पकड़ ली और देखते ही देखते गहरी खाई में समा गई। बाहर खड़े परिवार के सदस्य जब तक कुछ समझ पाते या गाड़ी की तरफ दौड़ते, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। आंखों के सामने हुए इस खौफनाक हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। खाई से शवों और क्षतिग्रस्त वाहन को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि खड़ी कार अचानक पीछे कैसे सरकी—क्या हैंडब्रेक ठीक से नहीं लगा था या कोई अन्य तकनीकी खराबी थी।
सतर्कता बेहद जरूरी: पहाड़ी इलाकों में सफर के दौरान यह हादसा एक बड़ा सबक है। ढलान वाले रास्तों या पहाड़ों पर वाहन पार्क करते समय हैंडब्रेक का इस्तेमाल, गियर में गाड़ी छोड़ना और टायरों के नीचे ओट (पत्थर) लगाना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।