चंडीगढ़: तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के भाजपा के संपर्क में होने की खबरों के बीच, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए लगातार जोड़-तोड़ की राजनीति कर रही है और अब उसकी नजर विपक्ष के सांसदों पर है।
“सांसदों की चोरी का हो रहा प्रयास” — राव नरेंद्र सिंह
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा:
“लोकतंत्र में जनता द्वारा दिया गया जनादेश सबसे ऊपर होता है, लेकिन भाजपा लगातार इस जनादेश को कमजोर करने की कोशिश में जुटी है। पहले चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठे, फिर राज्यों में विपक्षी सरकारों को अस्थिर किया गया और अब सांसदों को तोड़ने की खबरें आ रही हैं। साफ है कि ‘वोट चोरी और सरकार चोरी’ के बाद अब भाजपा सांसदों की चोरी करने का प्रयास कर रही है।”
बयान के सियासी मायने
राव नरेंद्र सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता और ‘इंडिया गठबंधन’ (INDIA Alliance) की मजबूती को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर संख्या बल (समीकरणों) को मजबूत करने के लिए चल रही इस खींचतान के बीच, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष का यह रुख काफी आक्रामक और महत्वपूर्ण है।
हरियाणा के संदर्भ में कही यह बात
हरियाणा की जमीनी राजनीति का जिक्र करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा:
-
मजबूत संगठन: राज्य में कांग्रेस संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और कार्यकर्ता जनता के बीच जा रहे हैं।
-
जनता के असल मुद्दे: प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और युवाओं का भविष्य सबसे बड़े मुद्दे हैं।
-
भाजपा की प्राथमिकता: भाजपा इन गंभीर मुद्दों को हल करने के बजाय केवल राजनीतिक प्रबंधन और जोड़-तोड़ में रुचि दिखा रही है।
लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष जरूरी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष को कमजोर करने की कोशिशें लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखना सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।
राव नरेंद्र सिंह के इस तीखे बयान के बाद हरियाणा और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और बढ़ने के आसार हैं।