अमृतसर (ब्यूरो): जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को कांग्रेस के सिख विधायक श्री अकाल तख्त साहिब पहुंच गए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री और विधायक भी कुछ ही देर में जत्थेदार के समक्ष पेश होने के लिए पहुंच रहे हैं।
जत्थेदार गड़गज्ज का कड़ा रुख: ‘तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र में दखल दे रही सरकार’
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सरकार की नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने नया कानून बनाकर धर्म के मामलों में दखल दिया है और तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप किया जा रहा है। जत्थेदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब और पंथ की मर्यादा के उलट नहीं चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज इस पूरे विषय पर खुले माहौल में चर्चा की जाएगी।
आप विधायक गुरदित सिंह सेखों का बयान: ‘हम अपना पक्ष रखेंगे’
आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदित सिंह सेखों ने इस मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह कानून धार्मिक अपमान (बेअदबी) की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया है। उन्होंने कहा, “हम श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेश का पूरा सम्मान करते हैं और आज उनके सामने पेश होकर विनम्रता के साथ अपना पक्ष रखेंगे।”
9 मंत्री और 49 विधायक होंगे पेश
श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपना पक्ष रखने के लिए आम आदमी पार्टी के 9 सिख मंत्रियों और विधानसभा स्पीकर के साथ 30 सिख विधायक उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, विपक्षी दलों से कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और एक निर्दलीय सिख विधायक भी इस विचार-विमर्श में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर 49 विधायकों के पेश होने की उम्मीद है।
पेश होने वाले 9 प्रमुख मंत्रियों की सूची
पंजाब कैबिनेट की ओर से आज मुख्य रूप से निम्नलिखित नौ मंत्री जत्थेदार के सामने उपस्थित होंगे:
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हरपाल सिंह चीमा (वित्त मंत्री)
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गुरमीत सिंह खुड्डियां (कृषि मंत्री)
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हरjot सिंह बैंस (शिक्षा मंत्री)
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डॉ. बलबीर सिंह (स्वास्थ्य मंत्री)
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हरभजन सिंह ईटीओ (लोक निर्माण मंत्री)
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हरदीप सिंह मुंडियां (राजस्व मंत्री)
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डॉ. बलजीत कौर (महिला एवं बाल विकास मंत्री)
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तरुणप्रीत सिंह सौंध (ग्रामीण विकास मंत्री)
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डॉ. रवजोत सिंह (एनआरआई मामलों के मंत्री)