अबोहर: वृंदावन में हुए हृदयविदारक नाव हादसे ने अबोहर के नई आबादी क्षेत्र निवासी मानिक टंडन की जान ले ली। आज सुबह जब मानिक का पार्थिव शरीर उनके घर पहुँचा, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे शहर को गहरे सदमे और शोक में डुबो दिया है।
खुशियों के घर में पसरा सन्नाटा
मानिक की अर्थी को देख परिजनों का विलाप सुन वहां मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। सबसे हृदयविदारक दृश्य उनकी वृद्ध मां, दो बहनों और मंगेतर का था, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। जिस घर में जल्द ही शादी की शहनाइयाँ बजने वाली थीं, वहां आज मातम पसरा हुआ था। मानिक की शादी इसी साल सितंबर में तय थी और घर में विवाह की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अंतिम विदाई: हजारों लोगों की उमड़ी भीड़
दोपहर के समय इंदिरा नगरी रोड स्थित मुख्य शिवपुरी में मानिक का अंतिम संस्कार किया गया। नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए शहर के हजारों लोग वहां एकत्रित हुए। समाजसेवी राजू चराया ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के साथ-साथ पूरे अबोहर शहर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा के दौरान हुई यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है और युवा अवस्था में एक होनहार युवक का चले जाना समाज के लिए एक बड़ा आघात है।
मानिक टंडन, जो जल्द ही दूल्हा बनने वाले थे, आज कफन में लिपटे हुए अंतिम यात्रा पर निकले, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल पसीज गया।