नई दिल्ली: पंजाब के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के लिए मिट्टी के तेल (केरोसिन) का कोटा फिर से बहाल कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब में करीब 14 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा सरकारी डिपो के माध्यम से मिट्टी का तेल मिलना शुरू होगा। सरकार का यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जो ईंधन के लिए सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं।
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने यह फैसला देशभर में एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई श्रृंखला में आई बाधाओं को देखते हुए लिया है। गैस की सुचारू आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम जनता को खाना पकाने और अन्य घरेलू कार्यों में आ रही दिक्कतों को कम करने के लिए मिट्टी के तेल के कोटे को मंजूरी दी गई है। केंद्र ने राज्य सरकार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि जल्द से जल्द वितरण प्रक्रिया शुरू की जा सके।
गौरतलब है कि पिछले 14 वर्षों से पंजाब में मिट्टी के तेल की सप्लाई लगभग बंद थी, क्योंकि सरकार का पूरा जोर प्रदेश को ‘धुआं मुक्त’ बनाने और हर घर तक गैस कनेक्शन पहुंचाने पर था। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और मांग को देखते हुए सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था को अस्थायी रूप से फिर से जीवित करने का निर्णय लिया है। राशन कार्ड धारकों को अब उनके निर्धारित कोटे के अनुसार सस्ता तेल उपलब्ध होगा।
इस फैसले के बाद अब पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वितरण की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रति कार्ड धारक को कितने लीटर तेल दिया जाएगा और इसकी कीमत क्या होगी। इस फैसले से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों में खुशी की लहर है।
