अमृतसर: पंजाब सरकार के मंत्री और सिख विधायक सोमवार को श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए। इस दौरान पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब सरकार उसकी मर्यादा और पवित्रता का पूरा सम्मान करती है तथा वहां से मिलने वाले सुझावों और प्रस्तावित संशोधनों पर गंभीरता से विचार करेगी।
श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकने और श्री अकाल तख्त साहिब में जत्थेदार के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्हें गुरु रामदास जी का आशीर्वाद प्राप्त करने और जत्थेदार साहिब के साथ सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के साथ हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने गुरु साहिब से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की अरदास भी की।
संंधवां ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च और पवित्र संस्था है, जिसके प्रति पंजाब सरकार और प्रदेश के लोगों के मन में गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि सरकार जत्थेदार साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, सिख पंथ और श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सर्वोच्च आदर करती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उनका सार्वजनिक रूप से खुलासा करना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह संस्था की मर्यादा और गरिमा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों और सुझावों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा, ताकि उन पर नियमानुसार और गंभीरता से विचार किया जा सके।
वहीं, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने पंजाब सरकार को प्रस्तावित बदलावों और सुझावों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव औपचारिक रूप से पंजाब विधानसभा के स्पीकर के माध्यम से सरकार को भेजे जाएंगे।
चीमा ने कहा कि जैसे ही सरकार को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्रस्तावित संशोधन प्राप्त होंगे, उनका विस्तृत अध्ययन किया जाएगा और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।