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CM मान की हरियाणा के सीएम से अपील… चहेते अधिकारीयों के खिलाफ मुकदमा चला कर वाई पूरन कुमार के परिवार को न्याय दिलाएं

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि हरियाणा सरकार को अपने पसंदीदा अधिकारियों को बचाने की बजाय दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के परिवार को न्याय देना चाहिए और उनके द्वारा अपने सुसाइड नोट में बताए गए सभी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए।

वाई पूरन कुमार के परिवार से आज यहां मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे इस संकट की घड़ी में दुखी परिवार के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को अपने पसंदीदा अधिकारियों के हितों की रक्षा करने की बजाय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा पंजाब के राज्यपाल, जो कि चंडीगढ़ के मुख्य प्रशासक भी हैं, के सामने भी उठाया है कि वाई पूरन कुमार द्वारा अपने सुसाइड नोट में बताए गए अधिकारियों पर तुरंत मुकदमा चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सामान्य पृष्ठभूमि वाले हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की मृत्यु के बाद उनका पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने कहा कि मृतक अधिकारी की पत्नी पंजाब की निवासी हैं और हरियाणा सरकार की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में पिछड़े वर्गों को निशाना बनाने के ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हरियाणा का एक वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद उनका परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उच्च पदों पर बैठे कमजोर और पिछड़े वर्गों के वरिष्ठ अधिकारियों और आम आदमी को निशाना बनाने की साजिश है। भारत के चीफ जस्टिस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रोल आर्मी रोज़ाना उनके मीम बना रही है और उन्हें अपने नापाक एजेंडे के तहत निशाना बना रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे सपूत्रों के खिलाफ पक्षपाती नीतियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे पारंपरिक नीतियों का भी शिकार हो रहे हैं क्योंकि वे एक सामान्य गैर-राजनीतिक परिवार से हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोग भारत के संविधान को बदलना चाहते हैं, जिसे बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर जैसे दूरदर्शी नेताओं द्वारा कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा के लिए बड़ी सूझ-बूझ से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि देश में खासकर इस साल 2025 में अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मृतक अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में उनके साथ हुए विवादपूर्ण व्यवहार का ज़िक्र किया था, लेकिन हरियाणा सरकार ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की।

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