HomeHaryanaHaryana CLU Rules Amended: हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक फैसला

Haryana CLU Rules Amended: हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक फैसला

Haryana Desk: हरियाणा में व्यापार करने (Ease of Doing Business) और उद्योग लगाने को बढ़ावा देने के लिए नायब सिंह सैनी सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने निवेशकों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए चेंज ऑफ लैंड यूज (Haryana CLU Rules) यानी भूमि उपयोग परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है।

इस नए प्रशासनिक सुधार के लागू होने के बाद, अब आवेदकों को सीएलयू (CLU) की अनुमति के लिए पहले की तरह 19 भारी-भरकम दस्तावेज जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। अब जनता केवल 3 मुख्य दस्तावेजों के आधार पर ही इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से फाइलों के लटके रहने (लालफीताशाही) पर लगाम लगेगी और राज्य में निवेश तेजी से बढ़ेगा।

प्रदेश के 70% हिस्से में अब CLU की जरूरत नहीं (Big Relief for Investors)

हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक को इन सुधारों को जमीनी स्तर पर जल्द से जल्द लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब हरियाणा के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को सीएलयू (CLU) की अनिवार्य अनुमति के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बदलाव के कारण हरियाणा के ग्रामीण और अर्ध-शहरी (Semi-Urban) इलाकों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी संभावना है।

ऑटो-सीएलयू (Auto-CLU) और सिंगल विंडो सिस्टम पर जोर

राज्य सरकार प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME Sector) को मजबूत करने के लिए भूमि नियमों में लगातार लचीलापन ला रही है। इसके तहत अब औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ‘ऑटो-CLU’ (Auto-CLU) व्यवस्था को मंजूरी दे दी गई है।

भवन निर्माण नियमों में भी बड़ा बदलाव:

  • कम जोखिम वाली इमारतें: कम खतरे या कम जोखिम वाली कैटेगरी की बिल्डिंग्स के लिए अब ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) प्राप्त करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह अब केवल सेल्फ-सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणीकरण) के आधार पर जारी हो जाएगा।

  • उच्च जोखिम वाली इमारतें: केवल जो इमारतें हाई-रिस्क (उच्च जोखिम) श्रेणी में आती हैं, उनके लिए ही थर्ड पार्टी सत्यापन (Verification) की अनिवार्य व्यवस्था लागू रहेगी।

प्रदूषण बोर्ड ने भी दी राहत: 30 की जगह 21 दिनों में मिलेगा काम का अधिकार

भूमि नियमों के अलावा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने भी उद्योगों की सहूलियत के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने फैक्ट्रियों और उद्योगों के लिए जरूरी ‘कंसेंट टू एस्टैब्लिश’ (Consent to Establish) और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (Consent to Operate) के सर्टिफिकेशन की समय-सीमा को 30 कार्य दिवसों से घटाकर अब केवल 21 कार्य दिवस कर दिया है।

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का मानना है कि इन Haryana CLU Rules के सरलीकरण से न केवल निवेशकों के बहुमूल्य समय की बचत होगी, बल्कि प्रोजेक्ट्स को शुरू करने में आने वाली शुरुआती लागत में भी भारी कमी देखने को मिलेगी। इससे आने वाले दिनों में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

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