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HPSC घोटाला 2026: हरियाणा के गोल्ड मेडलिस्ट फेल?! अलोक वर्मा हटाओ! Deepender Hooda

जनवरी 2026 में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) में तूफान मचा हुआ है। चेयरमैन अलोक वर्मा, जो बिहार मूल के हैं और पूर्व IFS अधिकारी रह चुके हैं, पर आरोपों की बौछार! भर्ती में अनियमितताएं, भाई-भतीजावाद, स्थानीय उम्मीदवारों से भेदभाव, और यहां तक कि युवाओं का अपमान! कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे ‘हरियाणा के युवाओं के साथ धोखा’ बताया है। वाह रे सिस्टम! क्या हरियाणा में तीन करोड़ लोग हैं, लेकिन HPSC चेयरमैन बाहर से लाना पड़ता है?

आलोक वर्मा का काला इतिहास

पहले जानते हैं अलोक वर्मा कौन हैं? ये साहब बिहार से हैं, CBI के पूर्व डायरेक्टर रह चुके हैं, लेकिन उनका इतिहास भी विवादों से भरा है। 2018-19 में CBI में घमासान, रिश्वत के आरोप, और आखिरकार उन्हें हटा दिया गया। अब हरियाणा में HPSC के बॉस! आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में हरियाणा के बाहर वालों को प्राथमिकता दी जा रही है, खासकर बिहार से। क्या ये ‘बिहारी राज’ है? कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने तो सीधे कहा – ये हरियाणा की संस्कृति, शिक्षा और युवाओं का अपमान है! अलोक वर्मा ने कथित तौर पर हरियाणा के युवाओं को ‘असफल’ कहा, उनकी पढ़ाई पर सवाल उठाए। भाई, अगर युवा अयोग्य हैं, तो भर्तियां क्यों नहीं भर पा रहे?

बिहारी चेयरमैन अलोक वर्मा का खेल

अब आंकड़ों की बात करते हैं! पावर यूटिलिटीज में 214 पोस्ट्स, लेकिन सिर्फ 29 हरियाणवी चुने गए। सिविल जज में 110 में से 60, SDO और व्याख्याता पदों में भी यही हाल – तकनीकी शिक्षा विभाग में 153 में से 106 ही लोकल। और असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) का तो कमाल देखो – 2143 कैंडिडेट्स में सिर्फ 151 पास, जबकि 613 पद थे! यानी सिर्फ 7% पास रेट। अभ्यर्थी चिल्ला रहे हैं – ये जानबूझकर किया गया ताकि हरियाणा के युवाओं को बाहर करो, और बाहर वालों को घुसाओ! क्या ये नेपोटिज्म है? या सिस्टम का खेल? रोहतक में प्रोटेस्ट हो रहे हैं, कैंडिडेट्स कह रहे हैं – इवैल्यूएशन में गड़बड़ी, पेपर लीक, और रिगिंग! अलोक वर्मा कहते हैं, ‘जिन्होंने 35% स्कोर किया, वे इंटरव्यू के लिए योग्य’, लेकिन कैंडिडेट्स पूछ रहे – गोल्ड मेडलिस्ट्स फेल कैसे?”

कांग्रेस MP दीपेंद्र हुड्डा ने अलोक वर्मा की तुरंत बर्खास्तगी मांगी। कहते हैं, ‘हरियाणा के बाहर वालों को चुनना, लोकल टैलेंट का अपमान है!’ सुरजेवाला ने और तीखा हमला किया – ‘BJP सरकार ने बाहर से ‘विवादास्पद’ व्यक्ति को चेयरमैन बनाया, हरियाणा के युवाओं को नीचा दिखाया!’ दोस्तों, ये सिर्फ नौकरियों का मामला नहीं, बल्कि हरियाणा की अस्मिता का! अगर लोकल कैंडिडेट्स को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तो युवा कहां जाएंगे? प्रोटेस्ट बढ़ रहे हैं, पंचकुला में HPSC ऑफिस के बाहर सैकड़ों युवा धरने पर।अलोक वर्मा के पुराने CBI विवाद याद हैं? रिश्वत, रेड रोकने के आरोप!अब हरियाणा में वही खेल? समय आ गया है – न्याय की मांग करो! आप क्या सोचते हैं – अलोक वर्मा दोषी हैं या नहीं?

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