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भाजपा की ‘आप’ विधायकों के फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए राज्यसभा सीट हड़पने की कोशिश बेनकाब : अमन अरोड़ा

चंडीगढ़: पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और अपराधियों को बचाने के गंभीर आरोप लगाये हैं। विधायक फौजा सिंह सरारी, रजनीश दहिया और वरिष्ठ नेता नील गर्ग के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ महापौर चुनाव की तरह ही भाजपा की एक बार फिर ‘आप’ विधायकों के फर्जी हस्ताक्षरों से राज्यसभा में अपने व्यक्ति को भेजने की कोशिश बेनकाब हुई है।

अरोड़ा ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर और संगीन है। भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा लगातार लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसकी ताजा मिसाल आज चंडीगढ़ में देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान, जैसे अनिल मसीह ने बेशर्मी से वोट रद्द करके लोकतंत्र की हत्या की थी, उससे भी संगीन हालात अब भाजपा ने राज्यसभा सीट के लिए पैदा कर दिये हैं। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि श्री अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए नवनीत चतुर्वेदी नामक व्यक्ति ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने कहा कि नामांकन भरना हर किसी का हक है, लेकिन फर्जीवाड़े से देश की सबसे पवित्र पंचायत (संसद) में पहुंचना लोकतंत्र की पीठ में छुरा मारने के बराबर है। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि छह अक्टूबर को नवनीत चतुर्वेदी ने ‘आप’ के 10 विधायकों के नाम बिना हस्ताक्षरों के प्रस्तावक के तौर पर दाखिल किये। फिर 13 अक्टूबर को उसने 10 और नये विधायकों के नामों के साथ एक और नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसमें विधायक रजनीश दहिया और फौजा सिंह सरारी समेत कई अन्य विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर थे।

अरोड़ा ने बताया कि इस फर्जीवाड़े का पता चलने पर रोपड़ से ‘आप’ विधायक दिनेश कुमार चड्ढा, जिनके हस्ताक्षर भी जाली किये गये थे, ने रोपड़ पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद सोमवार देर रात आरोपी पर जालसाजी का पर्चा दर्ज हुआ। आज रूपनगर की अदालत ने नवनीत चतुर्वेदी के गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिये, लेकिन जब रोपड़ पुलिस गिरफ्तारी वारंट लेकर आरोपी को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ आयी, तो चंडीगढ़ पुलिस, जो कि केंद्र सरकार के अधीन है, उस ठग को बचाने के लिए पंजाब पुलिस से उलझ पड़ी और उसे सरकारी गाड़ी में ले गयी।

उन्होंने कहा कि आरोपी पर कार्रवाई करने की बजाय, चंडीगढ़ पुलिस उसे पुलिस महानिदेशक चंडीगढ़ के नाम पर पंजीकृत सरकारी गाड़ी में वी.आई.पी. ट्रीटमेंट दे रही है। उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे भाजपा, केंद्रीय गृह मंत्रालय और चंडीगढ़ प्रशासन का हाथ है। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन से तुरंत आरोपी को रोपड़ पुलिस के हवाले करने की मांग की ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।

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