SPORTS DESK : भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में रोहित शर्मा की शानदार 138 रन की पारी की जमकर सराहना की है। शास्त्री का मानना है कि यह शतक केवल एक बड़ी पारी नहीं था, बल्कि उन सभी आलोचकों के लिए करारा जवाब था जो पिछले कुछ समय से रोहित की फॉर्म और बल्लेबाजी पर सवाल उठा रहे थे। रवि शास्त्री ने कहा कि बड़े खिलाड़ी अपनी आलोचनाओं का जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि मैदान पर प्रदर्शन से देते हैं और रोहित शर्मा ने भी वही किया। उनके अनुसार, लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर दबाव की परिस्थितियों में खेली गई यह पारी भारतीय कप्तान के अनुभव, धैर्य और क्लास का बेहतरीन उदाहरण है।
शास्त्री ने रोहित की बल्लेबाजी की तकनीक और मानसिक मजबूती की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में संयम बरतने के बाद रोहित ने सही गेंदों पर आक्रामक शॉट लगाए और पूरी पारी के दौरान अपने खेल पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा। यही वजह रही कि उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। पूर्व कोच के मुताबिक, इस तरह की पारियां सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होतीं, बल्कि पूरी टीम का मनोबल भी बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि जब टीम का सबसे अनुभवी बल्लेबाज बड़ी जिम्मेदारी निभाता है तो उसका सकारात्मक असर बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई देता है।
रोहित शर्मा की इस पारी ने न सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी क्षमता को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस शतक को उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक बताया है। मैच के बाद सोशल मीडिया पर भी रोहित शर्मा की इस पारी की जमकर चर्चा हुई। फैंस ने उनकी बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए इसे आलोचकों के लिए सबसे प्रभावी जवाब बताया। वहीं, रवि शास्त्री का बयान भी क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।


