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हिसार एयरपोर्ट बनेगा बड़ा इंडस्ट्रियल हब: करीब 3000 एकड़ जमीन पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस माफ, कैबिनेट की मंजूरी

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हिसार एयरपोर्ट को एक बड़ा औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) परियोजना के तहत 2,988 एकड़ जमीन के ट्रांसफर पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क को पूरी तरह से माफ करने की मंजूरी दे दी गई है।

यह जमीन नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NICDC) को सौंपी जाएगी, जहां एक भव्य ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ (IMC) विकसित किया जाएगा।

दो चरणों में होगा जमीन का ट्रांसफर

इस महात्वाकांक्षी परियोजना को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा:

  • पहला चरण: 1,605 एकड़ जमीन शामिल की गई है।

  • दूसरा चरण: 1,383 एकड़ जमीन शामिल की गई है।

  • कुल जमीन: 2,988 एकड़।

सरकार को होगा ₹132.41 करोड़ का वित्तीय भार (छूट)

सरकार के इस फैसले से उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कुल 132.41 करोड़ रुपये का शुल्क माफ किया गया है। इसमें शामिल हैं:

  • स्टांप ड्यूटी (Stamp Duty): लगभग 131.91 करोड़ रुपये।

  • रजिस्ट्रेशन फीस (Registration Fee): 50 हजार रुपये।

क्या होगा इस फैसले का फायदा?

हिसार में इस इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकसित होने से क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी:

  • औद्योगिक विकास: हिसार और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर उद्योग, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और वैश्विक स्तर की व्यापारिक सुविधाएं तैयार होंगी।

  • निवेश में बढ़ोतरी: इस हब के बनने से न सिर्फ देश की बड़ी कंपनियां बल्कि विदेशी निवेशक (Foreign Investment) भी हरियाणा की ओर आकर्षित होंगे।

  • रोजगार के नए अवसर: उद्योगों और व्यापार के बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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