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24 घंटे, दो मैच और एक नई हरलीन: रिटायर्ड आउट के विवाद को पीछे छोड़ बनीं ‘सुपरस्टार’

नई दिल्ली: खेल की दुनिया में 24 घंटे कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इसका जीवंत उदाहरण यूपी वॉरियर्ज (UPW) की बल्लेबाज हरलीन देओल ने पेश किया है। बुधवार को जिस खिलाड़ी को बीच मैच में ‘रिटायर्ड आउट’ कर डगआउट बुला लिया गया था, उसी खिलाड़ी ने गुरुवार को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ नाबाद अर्धशतक जड़कर अपनी टीम को सीजन की पहली जीत दिला दी।

1. मुंबई इंडियंस के खिलाफ ‘धमाकेदार’ वापसी

मुंबई इंडियंस द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करते हुए हरलीन देओल सातवें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरीं। यूपी को जीत के लिए 79 गेंदों में 117 रनों की दरकार थी।

  • आक्रामक आगाज: हरलीन ने पहली ही गेंद पर चौका मारकर अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने शुरुआती 6 गेंदों में ही 4 चौके जड़ दिए।

  • संयमित पारी: मध्य के ओवरों में जब स्पिनर संस्कृति गुप्ता ने रन गति पर लगाम लगाई, तब भी हरलीन शांत रहीं। उन्होंने 39 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की पारी खेली।

  • नतीजा: क्लोई ट्राईऑन (11 गेंदों पर नाबाद 27 रन) के साथ मिलकर हरलीन ने यूपी वॉरियर्ज को शानदार जीत दिलाई और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता।


2. क्या था ‘रिटायर्ड आउट’ का पूरा विवाद?

ठीक एक दिन पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ मैच में एक दुर्लभ घटना घटी थी:

  • धीमी बल्लेबाजी: हरलीन ने 36 गेंदों में 47 रन बनाए थे, लेकिन अंतिम ओवरों में वे बड़े शॉट्स नहीं लगा पा रही थीं।

  • कोच का फैसला: हेड कोच अभिषेक नायर ने पारी की रफ्तार बढ़ाने के लिए 15वें ओवर में हरलीन को ‘रिटायर्ड आउट’ कर वापस बुला लिया।

  • मैदान पर भ्रम: नायर के इशारे पर हरलीन पिच के बीच में ही रुक गईं और भ्रमित नजर आईं। यह फैसला क्रिकेट जगत में काफी चर्चा का विषय बना, क्योंकि भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत कई लोग इसे देखकर हैरान थे।


3. कोच अभिषेक नायर की सफाई

मैच के बाद कोच नायर ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था।

“हमने 12वें ओवर से ही इस पर चर्चा शुरू कर दी थी। रणनीतिक संदेश कप्तान मेग लैनिंग के जरिए हरलीन तक पहुँचाया गया था। हम चाहते थे कि अंतिम ओवरों में टीम के पास ज्यादा पावर-हिटर मौजूद हों। हरलीन एक बेहतरीन ‘टीम प्लेयर’ हैं और उन्होंने इस फैसले को खेल भावना के साथ स्वीकार किया।”


4. हरलीन की तकनीक और भूमिका

हरलीन देओल को उनकी एंकरिंग (पारी संभालने) की भूमिका के लिए जाना जाता है।

  • ऑफ-साइड की महारत: मुंबई के खिलाफ उन्होंने नैट सिवर-ब्रंट और शबनिम इस्माइल की गेंदों पर शानदार कट्स और ड्राइव्स लगाए।

  • आंकड़े: हरलीन स्वाभाविक रूप से छक्के लगाने वाली खिलाड़ी नहीं हैं (पिछले 3 साल की 32 पारियों में केवल 4 छक्के), लेकिन उनका 31.78 का औसत और प्लेसमेंट पर आधारित बल्लेबाजी उन्हें टॉप ऑर्डर में भरोसेमंद बनाती है।

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