Sports Desk: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। लियोनेल मेसी का यह आखिरी वर्ल्ड कप था, और लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतने का सपना टूटने से अर्जेंटीना के फैंस और खिलाड़ी अपना आपा खो बैठे। इस हार के बाद न सिर्फ ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर दंगे भड़क उठे, बल्कि मैदान पर भी खिलाड़ियों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली।
ब्यूनस आयर्स में दंगा: पुलिस और फैंस के बीच हिंसक झड़प
हार का गम अर्जेंटीना के प्रशंसकों के लिए गुस्से में बदल गया। देश की राजधानी ब्यूनस आयर्स के ऐतिहासिक ओबेलिस्क (Obelisk) स्मारक के पास भारी दंगा भड़क उठा।
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आगजनी और धुआं: घटना की तस्वीरों और वीडियो में इलाके से भारी धुआं उठता दिखाई दिया, जिससे साफ है कि वहां बड़े पैमाने पर आगजनी की गई है।
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पुलिस पर हमला: बेकाबू भीड़ और दंगा-रोधी पुलिस के बीच सीधी झड़प हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिसकर्मियों को खुद को बचाने के लिए ढाल (Shields) का इस्तेमाल करना पड़ा।
मैदान पर शर्मनाक वाकया: अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने की मारपीट
मैच की आखिरी सीटी बजते ही मैदान का माहौल बेहद गर्म हो गया। हार से बौखलाए अर्जेंटीना के खिलाड़ी स्पेन के खिलाड़ियों से भिड़ गए:
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पेट में मारा मुक्का: अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना ने मैदान पर स्पेन के एक खिलाड़ी के पेट में मुक्का जड़ दिया।
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गला दबाकर धक्का दिया: मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस खुद पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने स्पेन के एरिक गार्सिया का गला पकड़ा और उन्हें बेरहमी से धक्का दे दिया। माहौल बिगड़ता देख अर्जेंटीना के हेड कोच स्कालोनी को बीच-बचाव करने के लिए मैदान पर आना पड़ा।
खेल भावना को ठेस: स्पेनिश टीम को मेडल मिलते समय दिखाई पीठ
मैदान पर हुई हाथापाई के अलावा, अर्जेंटीना की टीम पर खेल भावना का अपमान करने का भी आरोप लगा है। जब स्पेन की टीम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में अपनी वर्ल्ड कप ट्रॉफी और मेडल ले रही थी, तब अर्जेंटीना के खिलाड़ी उनकी तरफ पीठ करके खड़े हो गए।
इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी स्टुअर्ट पियर्स ने इस घटना की पुष्टि करते हुए ‘टॉकस्पोर्ट’ से कहा, “जब स्पेन अपनी ऐतिहासिक ट्रॉफी उठाने वाला था, तब अर्जेंटीना के सभी खिलाड़ी इस समारोह की तरफ पीठ फेरकर खड़े थे, जो बेहद निराशाजनक था।”


