हिसार। हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ते ही गर्मी ने एक बार फिर जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ा रहा। हालांकि उत्तरी हरियाणा के कुछ जिलों में मौसम करवट ले सकता है और बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के लिए बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।
मानसून की सक्रियता कम रहने के कारण प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम गर्म और उमस भरा बना हुआ है। बुधवार को हिसार 38.3 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक हरियाणा में गर्मी का असर बढ़ सकता है। इस दौरान मानसून की गतिविधियां सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि इसके बाद मानसून के फिर सक्रिय होने और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल मानसून पूरे प्रदेश में प्रभावी नहीं है। उत्तरी हरियाणा के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि बाकी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों के बाद मानसून की सक्रियता बढ़ने पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश
इस मानसून सीजन में हरियाणा में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। प्रदेश में इस अवधि तक सामान्य बारिश 385.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 298.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस लिहाज से प्रदेश में सामान्य के मुकाबले करीब 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
हालांकि प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही। गुरुग्राम, नूंह और पलवल में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं कई अन्य जिलों में मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण बारिश सामान्य से कम रही है।
फिलहाल प्रदेशवासियों को गर्मी और उमस से परेशानी हो सकती है। वहीं उत्तरी हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश होने पर लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग की ओर से मानसून की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आने वाले दिनों में नया पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।


