सीएम कैंप ऑफिस को लेकर भाजपा का झूठ बेनकाब : CM मान

Punjab

चंडीगढ़: बेबुनियाद प्रचार से प्रदेश के लोगों को गुमराह करने के लिए भाजपा की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भगवा पार्टी के नेताओं को ‘शीश महल’ के बारे में अपने दावों को प्रमाणित सबूतों के साथ साबित करने की चुनौती दी।

एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेतृत्व देश भर में खास तौर पर गुजरात में आम आदमी पार्टी के बढ़ रहे आधार से हैरान है, जिस कारण वह ऐसे घटिया हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण भाजपा जहर उगलकर पंजाबियों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भगवा पार्टी के पास प्रदेश के लिए कोई रोडमैप नहीं है, जिस कारण यह पार्टी प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए तोड़-मरोड़कर पेश किए गए वीडियोज और ऐसे बेतुके दावों का सहारा लेने की कोशिश कर रही है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब से उन्होंने प्रदेश की कमान संभाली है, चंडीगढ़ में कोठी नंबर 45 मुख्यमंत्री का सरकारी निवास है, जबकि कोठी नंबर 50 उनका गेस्ट हाउस/कैंप ऑफिस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घर में कई महत्वपूर्ण बैठकें होती हैं और प्रदेश में आने वाले प्रतिष्ठित लोगों को भी इस घर में ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि यह घर किसी को आवंटित नहीं किया गया है और इसे सिर्फ खास मेहमानों के लिए कैंप हाउस-कम-रेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शीश महल नहीं हैं, बल्कि वे आवास हैं, जिनका उपयोग पंजाबियों द्वारा चुने गए आम नेताओं द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिनके पास महल हैं, वे अब भाजपा के साथ जा मिले हैं और वे कभी भी इन सरकारी कोठियों में नहीं रहे, बल्कि ये कोठियां उनके स्टाफ और निकटवर्तियों ने कब्जा की
हुई थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे भाजपा नेताओं और सुखबीर सिंह बादल जैसे भगवा पार्टी के पुराने दोस्तों ने गैर-कानूनी ढंग से पैसा इकट्ठा करके बड़े-बड़े महल बनाए हैं लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उनके बारे में रत्ती भर भी चुप्पी साध रखी है।

बिट्टू पंजाब सरकार के बंगले पर कब्जा करके बैठा है, क्या वह ‘शीश महल’ है
भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने भगवाजी पार्टी को याद दिलाया कि उनके राज मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू चंडीगढ़ में एक घर में गैर-कानूनी तौर पर रह रहे हैं, जो कभी उनके चाचा तेज प्रकाश सिंह को आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि कई बार याद दिलाने के बावजूद पंजाब के राज्यपाल ने भाजपा नेता से इस शीश महल को खाली करवाने की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन पर उंगली उठाने से पहले भाजपा को अपने भीतर झांकना चाहिए।

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