पंजाब कांग्रेस में हड़कंप, अध्यक्ष राजा वड़िंग को परिवार समेत जान से मारने की धमकी

Punjab

तरनतारन: पंजाब में तरनतारन उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच, पंजाब कांग्रेस के प्रधान और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को उनके परिवार समेत जान से मारने की धमकी मिली है। वड़िंग के अलावा पार्टी के एक और सीनियर नेता राजबीर भुल्लर को भी यह धमकी दी गई है।

इस सनसनीखेज मामले में पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर व आतंकी हरविंदर रिंदा और दो अन्य लोगों के खिलाफ तरनतारन में FIR दर्ज कर ली गई है।

इस धमकी को राजा वड़िंग के उस हालिया बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जो उन्होंने कुछ समय पहले चुनाव प्रचार के दौरान दिया था। वड़िंग ने सवाल उठाए थे कि गैंगस्टर चुनाव में सक्रिय हैं और लोगों को धमका रहे हैं। धमकी मिलने के बाद कांग्रेस नेता राजबीर भुल्लर ने एसएसपी से सुरक्षा की मांग की है। हालांकि, पुलिस की तरफ से अभी इस मामले में खुलकर कुछ नहीं कहा गया है।

कांग्रेस के सीनियर नेता राजबीर सिंह भुल्लर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें 31 अक्टूबर को एक विदेशी नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और उन्हें (राजवीर सिंह भुल्लर) जान से मारने की धमकी दी।

भुल्लर ने आगे बताया, “उसके बाद दिन में एक वॉयस मैसेज आया। जिसमें कहा गया कि राजा वड़िंग और उसके परिवार को तो खत्म करना ही है। उसके साथ अब राजबीर भुल्लर को भी नहीं छोड़ा जाएगा।” इस धमकी के तुरंत बाद भुल्लर ने तरनतारन के SSP को इस मामले की शिकायत दी।

तरनतारन में कुछ दिन पहले प्रचार के दौरान राजा वड़िंग ने मंच से कहा था, “राजनीतिक पार्टियां फैसला कर लें कि अगला पंजाब हमने कैसा बनाना है। अगर बंदूक, टकुए और फिरौती वालों का पंजाब बनाना है, तो तरनतारन के लोग इसका फैसला कर लें। फिर तो उन्होंने बिल्कुल सही उम्मीदवार उतारा है।”

वड़िंग ने आरोप लगाया था, “जैसे पता लग रहा है कि बाहर से गैंगस्टर फोन कर रहे हैं। लोगों से फिरौती ले रखी हैं। किसी को एक लाख तो किसी को 2 लाख दे दिया। इस तरह से काम चल रहा है। क्या टेलीफोन पर गैंगस्टर काम कराएगा।”

उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा था, “पंजाब ने बहुत संताप भोगा है। कांग्रेस ने शहादतें दीं और हंसता-बसता पंजाब वापस लाकर दिया। हमें हिंदुस्तान चाहिए, हमें खालिस्तान नहीं चाहिए। हम हिंदुस्तान के वासी हैं। तरनतारन के लोगों को यह फैसला लेना पड़ेगा कि जिसे हम वोट डाल रहे हैं, क्या वह हमारे बीच घूमेगा, काम कराएगा, या वह जेल में बैठा होगा।”

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