चंडीगढ़: पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अगले साल तक राज्य के लिंग अनुपात में बड़ा सुधार लाने का लक्ष्य रखा है। चंडीगढ़ में पीसी-पीएनडीटी एक्ट पर आयोजित एक वर्कशॉप में उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे लिंग जांच रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि गर्भ में बेटी को मारना सबसे बड़ा अपराध है और इसके लिए दोषी डॉक्टरों और क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि पंजाब में लिंग अनुपात में सुधार हो रहा है, जो 2021-22 में 906 से बढ़कर 2024 में 921 हो गया है। उन्होंने कहा कि 2092 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाले 13 केंद्रों को नोटिस जारी किए गए। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मुहिम है। उन्होंने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने को कहा कि वे न तो लिंग जांच करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।
