सनातन केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि जीवन जीने की सबसे पवित्र और शाश्वत शैली है – अमन अरोड़ा

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चंडीगढ़: बुधवार को मोहाली के कलकट भवन में सनातन सेवा समिति का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी सदस्य एवं धार्मिक मामलों के कई विद्वान व विचारक मौजूद रहें। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री वरिंदर गोयल, आप विधायक और पूर्व मंत्री ब्रह्मशंकर जिंपा और पार्टी के वरिष्ठ नेता दीपक बाली शामिल हुए।

*सनातन हमारे लिए केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र और शाश्वत शैली है – अमन अरोड़ा*

इस मौके पर ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि मैं एक हिंदू परिवार से हूं। सनातन हमारे लिए केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की सबसे पवित्र और शाश्वत शैली है और इसे हमने अपने माता-पिता से सीखी है।

लेकिन आज दुर्भाग्यवश “सनातन” शब्द का प्रयोग कुछ लोग अपने निजी और राजनीतिक स्वार्थों के लिए कर रहे हैं। यह ग़लत है। सनातन शब्द का अर्थ बहुत ही स्वच्छ, पवित्र और सार्वभौमिक है, लेकिन इसका राजनीतिक इस्तेमाल इस परंपरा का अपमान है।

आज हम यह भी देख रहे हैं कि धार्मिक आस्थाओं को वोट बैंक की राजनीति से जोड़ा जा रहा है, जैसे अयोध्या के प्रसाद बांटना और बदले में किसी खास पार्टी को वोट देने की अपील करना। यह धर्म का राजनीतिकरण है।मेरा मानना है कि धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि राजनीति का एक धर्म नहीं होना चाहिए, जो न्याय, करुणा, सेवा और भलाई पर टिका हो।

उन्होंने कहा कि हमने राम राज्य और महाराजा रणजीत सिंह के राज्य की बहुत तारीफें सुनी है लेकिन यह तभी साकार हो सकता है जब समाज में अन्याय न हो, कोई शोषित न हो, हमारे भाई-बहनों के साथ अन्याय न हो। हर व्यक्ति को उसका हक मिले।

*सनातन को मानने वाला व्यक्ति कभी स्वार्थ की बातें नहीं कर सकता, वह हमेशा दूसरों का भला चाहता है – बरिंदर गोयल*

आप नेता और कैबिनेट मंत्री वरिंदर गोयल ने कहा कि हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि अगर हम किसी व्यक्ति के बारे में अच्छी बातें कहना चाहते हैं, उसकी अच्छाइयों का वर्णन करना चाहते हैं तो हम कहते हैं कि वह व्यक्ति सनातनी है। यानी सनातनी होने का मतलब है बहुत अच्छा। ऐसा व्यक्ति जो सबका भला चाहता है।

मेरा मानना है कि सनातन धर्म से जुड़ा व्यक्ति कभी स्वार्थ की बातें नहीं कर सकता। वह हमेशा दूसरों के भले की बात करता है। हिंदू धर्म में भी कहा गया है कि हमेशा किसी के काम आओ। कोई भी सनातनी व्यक्ति गलत रास्ते पर नहीं चल सकता। इसलिए आज हमें इस परंपरा का विस्तार कर समाज, राज्य और देश को और आगे ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म भारत में शुरू हुआ लेकिन इसकी अच्छाई के कारण पूरे विश्व ने इसे स्वीकार किया।

*सनातन एक संपूर्ण वैज्ञानिक जीवन पद्धति है, विज्ञान भी अब शास्त्रों में कही बातों को सही मानने लगा है – ब्रह्मशंकर जिंपा*

आप विधायक और पूर्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने कहा कि सनातन मानव सभ्यता का दूसरा नाम है। यह संपूर्ण मानव सभ्यता का एक विस्तृत इतिहास है। सनातन एक संपूर्ण वैज्ञानिक जीवन शैली है, जो हमें जीवन से संबंधित अद्भुत ज्ञान देता है।

उन्होंने कहा कि जब भी हम सनातन के बारे में पढ़ते हैं, तो हमें दूसरी सभ्यताएं भी दिखाई देती हैं, जो 8 से 10 हजार साल पुरानी बताई जाती हैं। हालांकि, सनातन सभ्यता लाखों साल पुरानी है। इसे वैज्ञानिक उपकरणों से नहीं देखा जा सकता। विज्ञान किसी चीज़ को देखने की प्रक्रिया की बात करता है। लेकिन हमारे शास्त्र उसे और ज्यादा गहराई से बताते हैं। आज विज्ञान भी शास्त्रों की बातों को सही मानने लगा है। नासा के कई रिसर्चों ने शास्त्रों में कही गई बातों को सही माना है।

*सनातन हमारे सम्पूर्ण जीवन का आधार और दर्शन है – दीपक बाली*

आप नेता दीपक बाली ने कहा कि आज की तारीख पंजाब में सनातन धर्म के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मेरा विचार है कि हमारा मूल जीवन सनातन है। हमारा जीवन का आधार और जीवन दर्शन सनातन है। सनातन एक जीवन शैली का नाम है।

हमारे धर्मग्रंथों, जो सनातन से संबंधित उपदेश देते हैं, वे सभी सनातन के आधार हैं। वे इसके निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बताते हैं कि 10 हज़ार या 20 हजार साल पहले मानव जीवन कैसा था। इसलिए सनातन की पूरी यात्रा हमारे धर्मग्रंथों के माध्यम से हमें प्राप्त हुई है। यदि हमारे धर्मग्रंथों को हमारे महान ऋषियों-मुनियों ने अलंकृत नहीं किया होता, तो आज हम सभी ज्ञान से वंचित रह जाते।

बाली ने कहा कि हमारे लिए यह बेहद गर्व और खुशकिस्मती की बात है कि हमारी धरती बहुत उपजाऊ है और दूसरी कि यह भूमि बौद्धिक रूप से भी बहुत उपजाऊ रही है। दुनिया का सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद, पंजाब की भूमि पर रचा गया। फिर यह परंपरा आगे बढ़ता है और सूफीवाद से लेकर दुनिया का सबसे अनोखा सिख धर्म पंजाब की भूमि पर पैदा हुआ। यह हमारी बौद्धिकता की महान यात्रा है। इसलिए पंजाब सिर्फ वीरों शहीदों की ही नहीं बल्कि ज्ञान की भी धरती है।

उन्होंने कहा कि सनातन हमें सिखाता है कि बेटे को पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। श्रीराम ने अपने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए ही 14 साल तक वनवास की यात्रा की। वहीं आप भाई का प्यार और सम्मान देखना चाहते हैं, तो लक्ष्मण से बड़ा उदाहरण नहीं देख सकते। वहीं अपने गुरु के लिए सर्वस्व न्योछावर कर देने का उदाहरण हनुमान हैं।

एक राजा के लिए, उसका राज्य, उसकी शक्ति और उसकी नीति कितने महत्वपूर्ण है, यह भी सनातन धर्म हमें सिखाता है। सनातन हमारे जीवन की हर एक पहलूओं से जुड़ा है। यह मानव जीवन का सम्पूर्ण दर्शन है। इसलिए आज हमें अपने समाज राज्य और देश की भलाई के लिए सनातन का प्रचार करना चाहिए। यही सनातन की सेवा है।

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