हरियाणा पुलिस का मानवीय चेहरा: 17,000 बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया; ‘ऑपरेशन मुस्कान’ से लौटी खुशियाँ

Haryana

चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने के अपने मिशन में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्टेट क्राइम ब्रांच के विशेष सेल को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आधुनिक तकनीक और केंद्रीकृत रिकॉर्ड पर जोर

डीजीपी अजय सिंघल ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर के गुमशुदा बच्चों और वयस्कों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Record) तैयार किया जाए। अभियान को गति देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं:

  • हाई-क्वालिटी डेटा: गुमशुदा व्यक्तियों की तस्वीरें उच्च गुणवत्ता (High Resolution) की हों ताकि पहचान आसान हो सके।

  • सक्रिय इकाइयाँ: एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स (AHTU) को फील्ड में और अधिक सक्रिय किया जाए।

  • जवाबदेही: इस अभियान में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाएगी।

आंकड़ों की जुबानी: हजारों घरों में लौटे चिराग

पिछले एक साल के दौरान हरियाणा पुलिस ने कुल 17,000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर उनके परिजनों तक पहुँचाया है। विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:

1. वयस्कों की घर वापसी: कुल 13,529 वयस्कों को उनके परिवारों से मिलवाया गया। इसमें 9,399 महिलाएं और 4,130 पुरुष शामिल थे।

2. नाबालिगों का संरक्षण: पुलिस ने 3,122 नाबालिगों को सुरक्षित उनके माता-पिता तक पहुँचाया। इनमें 2,009 लड़कियां और 1,113 लड़के शामिल रहे।

3. शोषण से मुक्ति: मानवीय आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 191 बाल मजदूरों को मुक्त कराया और भीख मांगने के दलदल में फंसे 184 बच्चों का पुनर्वास (Rehabilitation) सुनिश्चित किया।

‘ऑपरेशन मुस्कान’ की बड़ी सफलता

पिछले वर्ष मार्च माह में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने रिकॉर्ड सफलता दर्ज की। इस अभियान के दौरान जिला पुलिस ने कड़ी मेहनत करते हुए 1,079 वयस्कों और 511 नाबालिगों को उनके घर वापस भेजा। यह अभियान न केवल गुमशुदा लोगों की तलाश तक सीमित रहा, बल्कि इसने बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों पर भी कड़ा प्रहार किया।

निष्कर्ष: हरियाणा सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, राज्य पुलिस अब आधुनिक तकनीक और ‘रियल-टाइम’ ट्रैकिंग के माध्यम से बिछड़े हुए लोगों की तलाश को और अधिक तेज करने जा रही है। डीजीपी के अनुसार, पुलिस का लक्ष्य न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है, बल्कि पीड़ित परिवारों के चेहरों पर मुस्कान वापस लाना भी है।

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