Haryana Desk: हिसार की रहने वाली एक महिला साइबर अपराधियों के बिछाए ‘हनीट्रैप’ और तकनीकी जाल का शिकार हो गई है। टेलीग्राम से शुरू हुआ यह खेल ब्लैकमेलिंग तक जा पहुंचा, जिसके बाद पीड़िता ने साइबर थाना पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
लॉटरी और गेम का लालच
ठगी की शुरुआत 15 जनवरी को हुई जब पीड़िता के टेलीग्राम पर ‘सैम लॉटरी’ नाम का एक मैसेज आया। अपराधियों ने दावा किया कि एक गेम खेलने पर उन्हें बड़े इनाम मिल सकते हैं। इसके बाद महिला को एक वॉट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया और छोटे-छोटे गेम खिलाकर उनका भरोसा जीता गया। जब महिला ने शुरुआती राउंड जीत लिए, तो उन्हें इनाम की राशि खाते में भेजने के बहाने एक संदिग्ध लिंक भेजा गया।
लिंक पर क्लिक करते ही फोन हैक
जैसे ही महिला ने इनाम पाने की लालच में उस लिंक पर क्लिक किया, उनका पूरा फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ गया। कुछ ही देर में अपराधियों ने मैसेज कर बताया कि महिला के फोन का सारा डेटा, जिसमें निजी फोटो और जानकारी शामिल थी, अब उनके पास है।
फोटो एडिट कर ब्लैकमेलिंग का खेल
अपराधियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए महिला की निजी तस्वीरों को एडिट (अश्लील छेड़छाड़) किया और उन्हें वायरल करने की धमकी दी। लोक-लाज के डर से महिला ने अपराधियों की मांगों के आगे घुटने टेक दिए:
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पहली किस्त: दो बार में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
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दूसरी किस्त: फोटो डिलीट करने के नाम पर 80 हजार रुपये वसूले गए।
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तीसरी किस्त: दबाव बनाकर 75 हजार रुपये और लिए गए।
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कुल ठगी: महिला से अब तक कुल 2,05,000 रुपये की वसूली की जा चुकी है।
पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों को ट्रैक कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
बचाव के लिए जरूरी बातें
| क्या करें? | क्या न करें? |
| अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। | किसी भी अनजान ग्रुप या ‘लॉटरी’ गेम पर भरोसा न करें। |
| फोन में ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ ऑन रखें। | ब्लैकमेल होने पर डरे नहीं, तुरंत 1930 पर कॉल करें। |
| संदिग्ध मैसेज की रिपोर्ट टेलीग्राम/वॉट्सएप पर करें। | अज्ञात व्यक्ति को अपनी निजी फोटो या डेटा न भेजें। |
