पंचकूला/हरियाणा डेस्क:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ‘सीएम विंडो’ (CM Window) पर दर्ज जन शिकायतों के निपटान की राज्यस्तरीय समीक्षा की गई। इस बैठक के तुरंत बाद उपायुक्त (DC) सचिन गुप्ता ने लघु सचिवालय के सभागार में जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फर्जी तरीके से शिकायत बंद करने पर नपेंगे अधिकारी
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिए कि:
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यदि किसी शिकायत के समाधान में बेवजह की देरी पाई जाती है, तो संबंधित विभाग जवाबदेह होगा।
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शिकायतकर्ता को संतुष्ट किए बिना या उसकी समस्या का असल समाधान किए बिना अगर फर्जी तरीके से (गलत रिपोर्ट लगाकर) मामला बंद किया गया, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
समय-सीमा का पालन और पेंडिंग केस पहली प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि शिकायतों के निपटान में समय-सीमा (Time Limit) का पालन करना बेहद जरूरी है। जितने भी पुराने या लंबित (Pending) मामले हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और तय समय के भीतर उनकी जांच और समाधान की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बेहद गंभीर है और खुद मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस पूरी व्यवस्था की नियमित रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जिले का रिपोर्ट कार्ड: 15,951 शिकायतों का सफल निपटान
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त सचिन गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जिले की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि:
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जिले में अब तक 15 हजार 951 शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटान कर शिकायतकर्ताओं को राहत पहुंचाई जा चुकी है।
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जो शेष शिकायतें अभी पेंडिंग हैं, उन पर भी विभिन्न विभागों द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है और उन्हें भी जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।
डीसी का कड़ा संदेश: उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे खुद अपने-अपने विभागों के सीएम विंडो पोर्टल की रोजाना निगरानी करें ताकि जनता को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।