हरियाणा में लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज: CM नायब सिंह सैनी ने दिए 12 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

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Haryana Desk: हरियाणा को गड्ढा मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘म्हारी सड़क’ ऐप (Mhari Sadak App) की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उच्च स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतने और टालमटोल की नीति अपनाने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। सीएम ने 7 जिलों में शिकायतों का समाधान करने के बजाय क्षेत्राधिकार का बहाना बनाकर फाइलें ट्रांसफर करने वाले 12 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा है कि यदि डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कोई ठेकेदार या एजेंसी सड़कों की मरम्मत का काम समय पर नहीं करती है, तो उसकी बैंक गारंटी तुरंत जब्त कर ली जाए।

इन 7 जिलों के अधिकारियों पर गिरेगी गाज

मासिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत जिलों की कुछ विशेष शिकायतों का हवाला दिया। इन मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने गड्ढे ठीक करने के बजाय शिकायतों को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर बार-बार दूसरे विभागों को ट्रांसफर कर दिया। सीएम ने इस रवैये को बेहद गंभीर मानते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।

सड़कों की मैपिंग और ऐप का रिपोर्ट कार्ड:

  • सड़कों की मैपिंग: प्रदेश में अब तक 63,389 किलोमीटर लंबी कुल 1,43,065 सड़कों की डिजिटल मैपिंग की जा चुकी है।

  • शिकायतों का निपटारा: ‘म्हारी सड़क’ ऐप के माध्यम से अब तक आम जनता द्वारा दर्ज कराई गईं 31,939 शिकायतों का सफल समाधान किया गया है।

टैक्सी चालकों के जरिए मिलेगी सड़कों की ‘लाइव रिपोर्ट’

सड़कों की वास्तविक और ग्राउंड जीरो की स्थिति सरकार तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अनूठा निर्देश दिया है। अब ओला-उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े टैक्सी चालकों और हरियाणा के आरटीओ (RTO) कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले सभी चालकों के मोबाइल में ‘म्हारी सड़क’ ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाएगा। चूंकि टैक्सी चालक दिन-रात सड़कों पर रहते हैं, इसलिए उनके जरिए खराब सड़कों की सटीक जानकारी तुरंत सरकार तक पहुंच सकेगी।

टेंडर प्रक्रिया में तेजी और बॉर्डर सड़कों पर विशेष ध्यान:

  • 10 दिन में पूरी होगी बिड प्रक्रिया: सड़कों के निर्माण और मरम्मत के टेंडर में लगने वाले लंबे समय को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने अब बिड सबमिशन (Bid Submission) के लिए अधिकतम 10 दिन की समय सीमा तय करने के आदेश दिए हैं।

  • अंतरराज्यीय बॉर्डर पर फोकस: हरियाणा की अन्य राज्यों से जुड़ने वाली सभी सीमावर्ती (Border) सड़कों की विशेष देखभाल, मरम्मत और निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में रहे मौजूद: इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, पीडब्ल्यूडी (B&R) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह और विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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