Haryana Desk: हरियाणा में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने गर्मी की समय से पूर्व दस्तक दे दी है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में पारा सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया, जिसमें हिसार 37.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म इलाका रहा। यह तापमान सामान्य से 8.8 डिग्री अधिक है। हिसार के नक्शेकदम पर चलते हुए भिवानी में 37.3 और नारनौल व महेंद्रगढ़ में भी पारा 36 डिग्री के पार पहुंच गया। रातों की ठंडक भी अब कम होने लगी है, जिसका अंदाजा यमुनानगर के न्यूनतम तापमान से लगाया जा सकता है जो सामान्य से 7.5 डिग्री ज्यादा होकर 18.9 डिग्री तक पहुंच गया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चन्द्र मोहन के अनुसार, वर्तमान में आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क होने के कारण दिन और रात, दोनों ही समय गर्मी का तीखा अहसास हो रहा है। मार्च के पहले पखवाड़े में गर्मी का यह तेवर बरकरार रहने की उम्मीद है और तापमान में और भी उछाल देखा जा सकता है। हालांकि, उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों में 11 और 14 मार्च को आने वाले कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे मौसम में थोड़ी हलचल संभव है।
तापमान में आई इस अचानक तेजी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर गेहूं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। जो फसलें पकने में अभी दो से तीन सप्ताह का समय लेने वाली थीं, वे भीषण गर्मी के कारण समय से पहले ही पकने लगी हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को गर्मी के तनाव से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें और विशेषज्ञों के संपर्क में रहें।
राहत की बात यह है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। अनुमान है कि 19 मार्च के आसपास सक्रिय होने वाले मध्यम श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। यदि ऐसा होता है, तो चढ़ते पारे पर लगाम लगेगी और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकेगी।
