उदयपुर में शादी के बाद हैदराबाद में ग्रैंड जश्न: लुंगी में विजय देवरकोंडा और लाल साड़ी में रश्मिका ने लूटी महफिल

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Entertainment Desk: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की चर्चा इन दिनों हर तरफ है। 26 फरवरी को उदयपुर में शाही शादी के बाद, इस जोड़े ने 4 मार्च को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे इस कपल ने जैसे ही हाथों में हाथ डालकर एंट्री ली, सारी महफिल लूट ली।

शाही रिसेप्शन और पारंपरिक लुक

सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट एमी पटेल द्वारा तैयार किए गए इस लुक में विजय देवरकोंडा ने शुद्ध दक्षिण भारतीय अंदाज अपनाते हुए लुंगी पहनी, जिसमें वे बेहद प्रभावशाली लग रहे थे। वहीं, रश्मिका मंदाना ने लाल रंग की मैसूर साड़ी चुनकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। लाल रंग शुभता, काला रंग शक्ति और सुनहरा रंग उनकी विरासत को दर्शा रहा था।

साड़ी की खासियत: क्यों लगती है 4 बजे से लाइन?

रश्मिका की इस साड़ी को माधुर्या क्रिएशन्स ने बुना है। इस साड़ी की खासियतें इसे महज एक परिधान नहीं, बल्कि एक ‘इन्वेस्टमेंट’ बनाती हैं:

  • असली सोना-चांदी: इस साड़ी के बॉर्डर और पल्लू पर असली सोने और चांदी की जरी का काम (कसाब एम्ब्रॉयडरी) किया गया है। यही कारण है कि इस तरह की साड़ियों को खरीदने के लिए महिलाएं सुबह 4 बजे से ही दुकानों के बाहर कतारों में लग जाती हैं।

  • दो सिर वाला पक्षी (गंडाबेरुंडा): साड़ी के पल्लू और ब्लाउज की बैक पर ‘दो सिर वाला पक्षी’ बना है। यह मैसूर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, जो शक्ति और बुद्धिमत्ता को दर्शाता है।

  • रीगल ज्वेलरी: रश्मिका ने इस लुक को सोने के लेयर्ड नेकपीस, झुमके, हाथफूल और कंगन के साथ पूरा किया। उनके बालों की स्लीक चोटी और उसमें लगे ताजे फूलों ने उनके सौंदर्य में चार चांद लगा दिए।

Interesting Facts: रश्मिका की यह साड़ी समय के साथ अपनी चमक नहीं खोती और इसकी कीमती धातु के कारण इसकी वैल्यू बढ़ती रहती है, ठीक किसी गहने की तरह।

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