Punjab Desk:मोहाली में आयोजित तीन-दिवसीय ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन’ के आखिरी दिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दुनिया भर से आए दिग्गज उद्योगपतियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों के विस्तार के लिए न केवल रियायतें देगी, बल्कि हर कदम पर सहयोग भी करेगी। उन्होंने घोषणा की कि निवेश के जो भी प्रस्ताव मिले हैं, उनकी प्रगति जांचने के लिए 6 महीने बाद एक समीक्षा बैठक भी की जाएगी।
सीएम मान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मानव संसाधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पंजाब की धरती और यहां के लोगों का जज्बा दुनिया भर में मिसाल है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल कागजी समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और विदेशों की ओर हो रहे पलायन को रोकना है।
राजनीतिक बदलाव और विजन
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उद्योगपतियों की ‘बांह मरोड़कर’ समझौते किए जाते थे, लेकिन अब पारदर्शी माहौल है। उन्होंने कहा:
“आम आदमी पार्टी ने राजनीति का एजेंडा बदल दिया है। अब नफरत के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बात होती है। एकाधिकार (Monopoly) समाज के लिए घातक है, इसलिए हम सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित कर रहे हैं।”
विरासत और गौरव का जिक्र
पंजाब को देश का ‘अन्न भंडार’ और ‘खड़ग भुजा’ बताते हुए सीएम मान ने शहीदों और गुरुओं की महान विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की मेहमाननवाजी और यहां के लोगों की मेहनत ही राज्य को औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी। सम्मेलन के समापन सत्र में कैबिनेट मंत्रियों और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने भी अपने विचार साझा किए।