Punjab Desk: जालंधर में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच आज पंजाब स्थानीय निकाय विभाग (Local Bodies Department) की विजीलैंस टीम ने शहर में बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह चीफ विजीलैंस अफसर (CVO) की अगुवाई में दो टीमों ने जालंधर के विभिन्न हिस्सों में औचक छापेमारी की और निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट्स व कॉलोनियों की जांच की।
जांच टीम का मुख्य फोकस जालंधर कैंट के पास रेलवे लाइन के साथ बन रहे ‘होटल मैरिटन’ प्रोजेक्ट पर रहा। आरोप है कि जिस जमीन पर यह आलीशान होटल बनाया जा रहा है, उसका करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसके बावजूद, नगर निगम और ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के कुछ अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने की अनुमति दी। विजीलैंस टीम अब इस ‘दरियादिली’ के पीछे की वजहों को खंगाल रही है।
बताया जा रहा है कि स्थानीय निकाय विभाग के पास जालंधर से जुड़ी लगभग 500 शिकायतें लंबित हैं। इनमें से ज्यादातर शिकायतें अवैध रूप से काटी गई कॉलोनियों और कमर्शियल इमारतों के निर्माण से संबंधित हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट्स द्वारा दी गई इन शिकायतों को आधार बनाकर ही सीवीओ की टीम ने यह एक्शन लिया है। विजीलैंस की इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि मौके पर ही दस्तावेजों का मिलान किया जा सके।
जालंधर और इसके बाहरी इलाकों में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माणों पर इस छापेमारी से हड़कंप मच गया है। विजीलैंस टीम कई अन्य संदिग्ध साइटों का भी मुआयना कर सकती है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ बड़े अधिकारियों और बिल्डरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।