Haryana Desk: हरियाणा में प्रॉपर्टी खरीदना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। राज्य सरकार आगामी 1 अप्रैल से जमीन के कलेक्टरेट (Collector Rate) में भारी बढ़ोतरी करने जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में जमीन की सरकारी कीमतों में 75 प्रतिशत तक के इजाफे का प्रस्ताव है, जिससे जमीनों की रजिस्ट्री के लिए अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा स्टांप शुल्क चुकाना होगा।
प्रमुख शहरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का हाल
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गुरुग्राम: यहाँ द्वारका एक्सप्रेस-वे से सटे इलाकों में सबसे ज्यादा असर दिखेगा। बजघेड़ा गांव में कृषि भूमि का रेट ₹4.30 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹7.53 करोड़ प्रति एकड़ होने का प्रस्ताव है। वहीं, सदर बाजार, अशोक विहार और गोपाल नगर जैसे कमर्शियल इलाकों में भी 75% की वृद्धि प्रस्तावित है।
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फरीदाबाद: ग्रेटर फरीदाबाद के नीमका और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में रिहायशी जमीन के दाम ₹18,000 से बढ़कर ₹31,500 प्रति वर्ग गज हो सकते हैं। सेक्टर-14 और 21A जैसे पॉश इलाकों में भी 60% तक की बढ़ोतरी संभव है।
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पंचकूला: सेक्टर 4, 5, 6, 19 और 27 सहित कई रिहायशी और कमर्शियल सेक्टरों में दरों को सीधा 75% तक बढ़ाने की तैयारी है। सेक्टर 23 से 26 के बीच आवासीय दरों में 45% की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
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हिसार और रेवाड़ी: हिसार के ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि के दाम 25% से 75% तक बढ़ सकते हैं। वहीं, रेवाड़ी के सेक्टर-4 और मॉडल टाउन जैसे रिहायशी इलाकों की कीमतों में भी बदलाव किया गया है।
जरूरी जानकारी
यदि आपको इन प्रस्तावित दरों पर कोई आपत्ति है या आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो आपके पास सोमवार शाम तक का समय है। आप अपनी आपत्तियां तहसील कार्यालय या जिला मुख्यालय में दर्ज करा सकते हैं। बुधवार से नई दरें पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएंगी।