डेस्क: जींद में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सरपंच के साथ हुए विवाद के पांच दिन बाद प्रसिद्ध हरियाणवी गायक मासूम शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है। मासूम ने साफ किया कि वह किसी का अपमान नहीं करना चाहते थे, बल्कि यह पूरा विवाद मंच की गरिमा और व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ था।
विवाद की असल वजह: मंच पर भीड़
मासम शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान स्टेज पर 20 से 25 लोग चढ़ गए थे, जिसकी वजह से उन्हें अपने साजिंदे (म्यूजिशियन) भी दिखाई नहीं दे रहे थे। उन्होंने कहा, “मैंने केवल इतना अनुरोध किया था कि आप लोग स्टेज से नीचे उतरकर प्रोग्राम देखें। तभी नीचे से किसी ने आवाज लगाई कि ‘सरपंच नीचे नहीं उतरेगा’। यहीं से बहस शुरू हुई।”
‘मंत्री-विधायक’ वाले बयान पर स्पष्टीकरण
अपने वायरल बयान पर अडिग रहते हुए मासूम ने कहा कि हर व्यक्ति के काम करने की एक जगह और गरिमा होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जिस तरह मैं बिना चुने हुए विधानसभा में नहीं बैठ सकता, या सरपंच के फैसलों में दखल नहीं दे सकता, उसी तरह स्टेज एक कलाकार की जगह है। वहां व्यवस्था बनाना कलाकार का अधिकार है।”
सरपंचों से मांगी माफी
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने ’70 सरपंच’ वाले बयान पर मासूम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वह बात हरियाणवी लहजे और ‘तकिया कलाम’ के तौर पर कही थी। उन्होंने कहा, “अगर मेरी किसी बात से किसी जनप्रतिनिधि या सरपंच भाई की भावनाओं को ठेस पहुँची है, तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ। मेरा मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं था।”
पुरानी यादों का जिक्र
गायक ने यह भी जोड़ा कि वे उस पूर्व सरपंच को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनकी बहन की शादी 25 साल पहले जींद शहर में हुई थी, लेकिन वे गांवों के लोगों से बहुत ज्यादा परिचित नहीं हैं।
