हिसार: हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में अप्रैल का महीना मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस महीने एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होंगे, जिससे न केवल तापमान में बदलाव आएगा बल्कि तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी की गतिविधियां भी जारी रहेंगी।
यहाँ इस खबर का विस्तृत विवरण दिया गया है:
अप्रैल में मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, अप्रैल के पहले पखवाड़े में तीन प्रमुख पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है:
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पहला विक्षोभ: 2 अप्रैल से सक्रिय होगा, जिसका असर 3 अप्रैल की शाम से हल्की बूंदाबांदी के रूप में दिखेगा।
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दूसरा विक्षोभ: 7 और 8 अप्रैल को सक्रिय होने की उम्मीद है।
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तीसरा विक्षोभ: 11 और 12 अप्रैल के दौरान मैदानी राज्यों में मौसम बदलेगा। इन प्रणालियों के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज अंधड़ व बारिश की संभावना है, जिससे दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। हालांकि, महीने के अंतिम 10 दिनों में प्री-मानसून गतिविधियों के साथ तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
फसलों का नुकसान और सरकार का बड़ा फैसला
हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने हरियाणा के किसानों की कमर तोड़ दी है। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जैसे जिलों में पकी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है। ओलों के कारण गेहूं की बालियां टूटकर गिर गई हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं।
किसानों के दर्द को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:
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प्रभावित जिलों के उपायुक्तों (DC) को विशेष गिरदावरी कराने के आदेश दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सर्वे में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और एसडीएम खुद मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लें।
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रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के बाद किसानों को उचित मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।
तापमान में आई गिरावट
मंगलवार और बुधवार को हुई ओलावृष्टि के कारण हरियाणा के कई जिलों में पारे में गिरावट दर्ज की गई है। सोनीपत में न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। वहीं रोहतक, महेंद्रगढ़ और मेवात के तापमान में भी 2 से 2.7 डिग्री तक की कमी आई है। बुधवार को अंबाला में अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आगामी 3 और 4 अप्रैल को भी बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।