हिसार: हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में अप्रैल का महीना मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस महीने एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होंगे, जिससे न केवल तापमान में बदलाव आएगा बल्कि तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी की गतिविधियां भी जारी रहेंगी।

यहाँ इस खबर का विस्तृत विवरण दिया गया है:

अप्रैल में मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, अप्रैल के पहले पखवाड़े में तीन प्रमुख पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है:

फसलों का नुकसान और सरकार का बड़ा फैसला

हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने हरियाणा के किसानों की कमर तोड़ दी है। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जैसे जिलों में पकी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है। ओलों के कारण गेहूं की बालियां टूटकर गिर गई हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं।

किसानों के दर्द को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:

तापमान में आई गिरावट

मंगलवार और बुधवार को हुई ओलावृष्टि के कारण हरियाणा के कई जिलों में पारे में गिरावट दर्ज की गई है। सोनीपत में न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। वहीं रोहतक, महेंद्रगढ़ और मेवात के तापमान में भी 2 से 2.7 डिग्री तक की कमी आई है। बुधवार को अंबाला में अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आगामी 3 और 4 अप्रैल को भी बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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