Punjab Desk: खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी शिकस्त मिली है। अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत अमृतसर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए तीसरे निरोधक (हिरासत) आदेश; को चुनौती दी थी।
क्या था मामला?
अमृतपाल सिंह ने अदालत में दलील दी थी कि उन पर बार-बार हिरासत आदेश जारी करना कानूनी रूप से उचित नहीं है। हालांकि, तमाम पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे उनकी जेल से बाहर आने की उम्मीदों को फिलहाल बड़ा झटका लगा है।
अप्रैल 2023 से असम की जेल में बंद
अमृतपाल सिंह मार्च 2023 से ही कानून की गिरफ्त में हैं और उन्हें अप्रैल 2023 में असम की डिब्रूगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया था। उनके खिलाफ NSA के तहत अब तक तीन हिरासत आदेश जारी हो चुके हैं। नवीनतम आदेश 17 अप्रैल 2025 को पारित हुआ था, जिसे बाद में राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों द्वारा मंजूरी व पुष्टि मिली थी।
राज्य सरकार का रुख: सुरक्षा ही प्राथमिकता
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट रखा। सरकार ने तर्क दिया कि अमृतपाल सिंह की मौजूदगी से पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि उन्हें पंजाब की जेलों में स्थानांतरित करने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए डिब्रूगढ़ जेल में ही उनकी हिरासत जारी रखना आवश्यक है।
अब आगे क्या?
हाई कोर्ट आज इसी मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई करने वाला है, जिसमें पंजाब सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमृतपाल सिंह को असम की जेल में ही रखे जाने की पुरजोर मांग की है। सरकार का तर्क है कि जांच और कानूनी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उनका वहां रहना ही सुरक्षित है।
अदालत के इस ताजा फैसले ने अमृतपाल सिंह की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और राज्य की राजनीति में इसे लेकर बहस तेज हो गई है।