स्पोर्ट्स डेस्क: पंजाब किंग्स (PBKS) ने आईपीएल 2026 के 29वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 54 रनों से हराकर अपना दबदबा कायम रखा है। इस बड़ी जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम की सफलता के पीछे के उन रहस्यों का खुलासा किया है, जिन्होंने इस सीजन पंजाब को एक आक्रामक टीम बना दिया है।
“मैं उन्हें नहीं सिखाता कि कैसे खेलना है”
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाजों— प्रियांश आर्य (93) और कूपर कोनोली (87) की जमकर सराहना की। अय्यर ने एक दिलचस्प बात साझा करते हुए कहा कि वह इन दोनों खिलाड़ियों की बल्लेबाजी में हस्तक्षेप नहीं करते।
“मैं प्रियांश और कूपर को यह नहीं बताता कि उन्हें अपनी पारी कैसे खेलनी है। उनका अपना एक तय रूटीन और तरीका है। रिकी पोंटिंग मैच से पहले उनसे बात करते हैं और मैं बस अपनी छोटी-मोटी राय देता हूँ। जब आप इन युवाओं को मैदान पर खुद को जाहिर करने की आजादी देते हैं, तो वे असाधारण प्रदर्शन करते हैं।”
छक्कों की रेस: ड्रेसिंग रूम की दिलचस्प चुनौती
कप्तान अय्यर ने बताया कि टीम के भीतर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। उन्होंने मजाक में प्रियांश और कूपर को चुनौती दी थी कि इस सीजन सबसे ज्यादा छक्के कौन लगाएगा। रविवार के मैच में इसका असर भी दिखा, जहाँ दोनों ने मिलकर कुल 16 छक्के जड़े। अय्यर के अनुसार, ऐसे साहसी शॉट्स खेलने के लिए काफी संयम की जरूरत होती है।
मैच का लेखा-जोखा: ऐतिहासिक साझेदारी
महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब की शुरुआत खराब रही और प्रभसिमरन सिंह बिना खाता खोले आउट हो गए। लेकिन इसके बाद प्रियांश और कोनोली ने 182 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर लखनऊ के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।
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प्रियांश आर्य: 37 गेंद, 93 रन (9 छक्के)
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कूपर कोनोली: 46 गेंद, 87 रन (7 छक्के) इन पारियों की मदद से पंजाब ने 254/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
गेंदबाजी यूनिट पर अटूट भरोसा
श्रेयस अय्यर ने अपनी बॉलिंग यूनिट को जीत का दूसरा सबसे बड़ा श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “हमारे पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाज हैं। सफलता का असली राज सही समय पर अपनी योजनाओं का सटीक निष्पादन (Execution) करना है।” पंजाब की ओर से मार्को जानसेन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट चटकाए, जिससे लखनऊ की टीम 200 रन पर ही सिमट गई।
लखनऊ की बेअसर कोशिश
255 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की ओर से ऋषभ पंत (43), एडेन मार्करम (42) और मिचेल मार्श (40) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन वे पंजाब के स्कोर के आसपास भी नहीं पहुँच सके। लखनऊ के लिए प्रिंस यादव और मणिमारन सिद्धार्थ ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन वे पंजाब की रन गति को रोकने में नाकाम रहे।