चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने धार्मिक मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल’ को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।
पिछली सरकारों पर तीखा हमला
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
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न्याय में विफलता: 1986 की नकोदर घटना और 2015 के बरगाड़ी व बहिबल कलां मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के समय बेअदबी की घटनाएं हुईं, लेकिन इंसाफ नहीं मिला।
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गायब हुए सबूत: चीमा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान आयोग और SIT तो बनीं, लेकिन महत्वपूर्ण सबूत और फाइलें जानबूझकर गायब कर दी गईं ताकि बड़े चेहरों को बचाया जा सके।
बदल गया समय: अब रसूखदार भी कटघरे में
चीमा ने कहा कि 2022 के बाद से स्थितियां बदली हैं। अब पहली बार ऐसा हुआ है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त रसूखदार हस्तियों को अदालतों में अग्रिम जमानत के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि दोषी चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसे सजा मिलकर रहेगी।
नए कानून की 3 बड़ी और ‘अनोखी’ बातें
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह कानून बेहद ठोस है और इसमें बचाव की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है:
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साजिशकर्ताओं पर शिकंजा: यह कानून केवल उस व्यक्ति को सजा नहीं देगा जो बेअदबी करता है, बल्कि उस ‘मास्टरमाइंड’ को भी घेरे में लेगा जिसने पर्दे के पीछे रहकर साजिश रची।
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मानसिक अस्थिरता का बहाना खत्म: अक्सर आरोपी ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ होने का नाटक कर सजा से बच जाते थे। नया कानून इस बचाव को भी सख्ती से एड्रेस करता है।
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संरक्षकों की जवाबदेही: यदि किसी की देखरेख में रहने वाला व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देता है, तो उसके गार्जियन (संरक्षक) को भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
केजरीवाल और मान की ‘गारंटी’ हुई पूरी
हरपाल सिंह चीमा ने अंत में कहा कि यह कानून अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पंजाब की जनता से की गई एक बड़ी ‘गारंटी’ को पूरा करने का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब की शांति और सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने वाली ताकतों के लिए यह एक्ट एक अंतिम चेतावनी है। अब राज्य की पूरी शक्ति धार्मिक आस्था के सम्मान की रक्षा करेगी।