चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में कुल तीन मुख्य एजेंडे रखे गए, जिनमें से दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इन निर्णयों से प्रदेश की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
बिजली नेटवर्क को मजबूती: ₹918.4 लाख के सर्किट ब्रेकर की खरीद
हरियाणा बिजली वितरण निगम के बेड़े को आधुनिक बनाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 41 एस.एफ. 6 गैस सर्किट ब्रेकर (SF6 Gas Circuit Breakers) की खरीद को हरी झंडी दे दी है।
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उपयोग: इनका इस्तेमाल 220 के.वी. के बड़े ट्रांसफार्मरों में किया जाएगा।
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लागत: इस पूरी खरीद पर लगभग 918.4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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लाभ: इन सर्किट ब्रेकर की मदद से बिजली की नियमित सप्लाई सुनिश्चित होगी और तकनीकी खराबी के समय ग्रिड को सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे जनता को अघोषित बिजली कटौती से राहत मिलेगी।
हिसार बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब: सलाहकार की नियुक्ति
हिसार में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के सपने को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। क्लस्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और नए शहरों के नियोजन (Planning) के लिए एक विशेष सलाहकार (प्रोग्राम मैनेजर) की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई है।
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कार्यकाल: यह सलाहकार आगामी 3 वर्षों तक इन हबों के विकास कार्य की पूर्ण निगरानी करेंगे।
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महत्व: इस नियुक्ति के साथ ही हिसार में बनने वाले मैन्युफैक्चरिंग हब का कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा। इससे न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।