जालंधर निगम में ‘क्लीन स्वीप’: मेयर और कमिश्नर का भ्रष्टाचार पर प्रहार, दो दिन में 27 कर्मचारियों का तबादला

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Punjab Desk: जालंधर नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी मुहिम के तहत प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है। मेयर और कमिश्नर की जोड़ी ने लगातार दूसरे दिन सख्त कदम उठाते हुए लंबे समय से एक ही सीट पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिराई है।

ट्रांसफर एक्सप्रेस: वर्कशॉप शाखा के 6 और कर्मचारी बदले

नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि (IAS) और मेयर वनीत धीर ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए वर्कशॉप शाखा में तैनात 6 अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला कर दिया। ये सभी कर्मचारी पिछले काफी समय से एक ही विभाग में टिके हुए थे। प्रशासन का मानना है कि लंबे समय तक एक ही जगह तैनाती से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता कम हो जाती है और अनियमितताओं की गुंजाइश बढ़ जाती है।

तहबाजारी ब्रांच पर पहले ही गिर चुकी है गाज

बता दें कि यह सख्ती बुधवार से शुरू हुई थी, जब मेयर वनीत धीर ने तहबाजारी ब्रांच के सभी 21 मुलाजिमों को एक साथ बदलकर दूसरी शाखाओं में भेज दिया था। दो दिनों के भीतर कुल 27 कर्मचारियों के तबादलों ने निगम के गलियारों में खलबली मचा दी है।

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’

मेयर वनीत धीर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि निगम के कामकाज में किसी भी तरह की कोताही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, कमिश्नर संदीप ऋषि ने भी संकेत दिए हैं कि व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए आने वाले दिनों में कुछ और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

कर्मचारियों में हड़कंप

प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से निगम के अन्य विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की मानें तो एक ही सीट पर सालों से जमे अन्य कर्मचारियों की लिस्ट भी तैयार की जा रही है, जिससे आने वाले समय में और भी बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।

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