फरीदाबाद : हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB) ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की टीम ने उप-तहसील गौच्छी में तैनात हल्का पटवारी जावेद को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
गलत इंतकाल सुधारने के बदले मांगी थी रकम
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने गांव फिरोजपुर कलां स्थित कृषि भूमि का अपने भतीजे के साथ आपसी तबादला कराया था। यह प्रक्रिया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में तो पूरी हो गई, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल (Mutation) गलत दर्ज हो गया। इस गलती को सुधारने के लिए 24 मार्च को तहसीलदार को आवेदन दिया गया, जो पटवारी जावेद के पास लंबित था।
आरोप है कि पटवारी ने इस काम को जानबूझकर लटकाए रखा और इंतकाल ठीक करने के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। सौदा 25,000 रुपये की पहली किस्त पर तय हुआ।
विजिलेंस का बिछाया जाल और फिल्मी ड्रामा
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने योजनाबद्ध तरीके से रेड की:
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जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी जावेद को 25,000 रुपये थमाए, उसे सतर्कता टीम की मौजूदगी का शक हो गया।
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पकड़े जाने के डर से जावेद ने तुरंत रिश्वत की राशि अपने निजी सहायक (PA) को दे दी।
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मौके पर मौजूद टीम ने पटवारी जावेद को तो दबोच लिया, लेकिन उसका सहायक नकदी लेकर फरार होने में कामयाब रहा।
पुलिस की कार्रवाई और फरार सहायक की तलाश
ब्यूरो की टीम ने आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फरार निजी सहायक की गिरफ्तारी और रिश्वत की राशि बरामद करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।