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AJL प्लॉट आवंटन मामला: पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा की बढ़ीं मुश्किलें, पंचकूला कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची ED

चंडीगढ़: हरियाणा के बहुचर्चित एजेएल (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) प्लॉट आवंटन मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंचकूला की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले की कार्यवाही बंद करने के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है। ईडी ने हाई कोर्ट से विशेष अदालत के 3 अप्रैल 2026 के आदेश को रद्द करने और उस पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने की मांग की है।

क्यों बंद हुई थी पंचकूला कोर्ट में कार्यवाही?

इस पूरे मामले में घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा था:

  • 25 फरवरी 2026: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले से जुड़े मूल आपराधिक केस (Predictate Offence) में आरोपियों को बड़ी राहत दी थी।

  • 3 अप्रैल 2026: हाई कोर्ट के इसी फैसले को आधार बनाकर पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत ने ईडी की कार्यवाही को यह कहते हुए समाप्त कर दिया था कि जब मुख्य अपराध ही खत्म हो गया, तो मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं टिक सकता। हालांकि, अदालत ने यह शर्त रखी थी कि यदि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट मुख्य मामले को बहाल करता है, तो ईडी दोबारा कार्रवाई शुरू कर सकेगी।

विशेष अदालत ने की कानून की गलत व्याख्या: ED की दलील

अब ईडी ने विशेष अदालत के इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में मजबूत दलीलें पेश की हैं:

  1. स्वतंत्र अपराध है मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी का कहना है कि पीएमएलए कोर्ट ने कानून को समझने में गलती की है। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में यह साफ किया जा चुका है कि मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है और अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से जुड़ी जांच सिर्फ मूल एफआईआर (FIR) के खत्म होने से बंद नहीं की जा सकती।

  2. सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला: एजेंसी ने अदालत को बताया कि सीबीआई (CBI) पहले ही हाई कोर्ट के फरवरी वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है, जहां शीर्ष अदालत ने नोटिस भी जारी कर दिया है।

  3. जांच को हो सकता है नुकसान: ईडी ने अंदेशा जताया कि अगर इस दौरान कार्यवाही बंद रहती है, तो आरोपी कुर्क की गई संपत्तियों को मुक्त कराने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे पूरी जांच को कभी न पूरी होने वाली क्षति पहुंचेगी।

हाई कोर्ट ने हुड्डा समेत अन्य आरोपियों को भेजा नोटिस

सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य संबंधित आरोपियों को नोटिस जारी किया है। हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को 8 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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