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IPL 2026: ‘जड्डू’ से पहले जोफ्रा आर्चर को क्यों भेजा? कप्तान रियान पराग ने खोला राजस्थान रॉयल्स की जीत का बड़ा ‘सीक्रेट’

MI vs RR: रविवार को खेले गए ‘करो या मरो’ के मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) ने मुंबई इंडियंस (MI) को 30 रनों से शिकस्त देकर आईपीएल 2026 के प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। एक समय जब युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी सहित टीम के तीन बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए थे, तब राजस्थान के फैंस की सांसें अटक गई थीं। लेकिन ध्रुव जुरेल की सूझबूझ और निचले क्रम के उपयोगी योगदान से राजस्थान ने 20 ओवरों में 8 विकेट पर 205 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

इस जीत में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट कप्तान रियान पराग का एक ऐसा साहसिक फैसला रहा, जिसने कमेंट्री बॉक्स में बैठे दिग्गजों को भी हैरान कर दिया। वह फैसला था— रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गज ऑलराउंडर से पहले नंबर 7 पर तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को बल्लेबाजी के लिए भेजना। आर्चर ने महज 15 गेंदों पर 1 चौके और 3 छक्कों की मदद से 32 रन कूट डाले, जो अंत में टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह बने।

फैसले के पीछे की तकनीकी वजह: क्यों लिया पराग ने यह जोखिम?

मैच के बाद कप्तान रियान पराग ने इस रणनीतिक फैसले का खुलासा किया। दरअसल, वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर गेंद टप्पा खाने के बाद रुक कर आ रही थी (Wicket was gripping the ball)। ऐसी स्थिति में किसी भी विशुद्ध बल्लेबाज के लिए टाइमिंग के साथ शॉट खेलना बेहद मुश्किल था। वैभव सूर्यवंशी भी इसी चक्कर में सस्ते में आउट हो गए।

रियान पराग ने बताया:

“हम चाहते थे कि एक छोर पर सेट बल्लेबाज थोड़ा लंबा खेले। वानखेड़े की इस पिच पर आप बीच में दो ऐसे खिलाड़ियों को नहीं रख सकते जो रन-अ-बॉल (प्रति गेंद एक रन) खेल रहे हों। हमें तेजी से रनों की जरूरत थी। इसलिए हम चाहते थे कि कोई एक खिलाड़ी जिम्मेदारी से टिके और दूसरा छोर से बड़े जोखिम उठाए।”

पराग ने नंबर 7 पर रवींद्र जडेजा को रोककर जोफ्रा आर्चर पर दांव खेला, क्योंकि आर्चर के पास खोने के लिए कुछ नहीं था और उन पर रन बनाने का कोई पारंपरिक दबाव नहीं था। पराग का यह जुआ पूरी तरह सही साबित हुआ।

जडेजा की तारीफ और कप्तानी का ‘असम स्टाइल’

भले ही जडेजा को नंबर 9 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, लेकिन रियान पराग ने उनकी भूमिका की जमकर तारीफ की। जडेजा ने आखिरी ओवरों में 11 गेंदों पर नाबाद 19 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। पराग ने कहा, “जडेजा हमेशा की तरह भरोसेमंद हैं। मुझे पूरा भरोसा था कि वह अंतिम ओवरों में आकर हमें 10 गेंदों में कम से कम 20 रन दिलाएंगे, और उन्होंने वही किया।”

अपनी आक्रामक और निडर कप्तानी पर बात करते हुए पराग ने कहा:

  • “इस सीजन में मैंने कई साहसिक फैसले लिए हैं। मैं असम की घरेलू टीम का नेतृत्व भी इसी तरह (निडर होकर) करता हूं। आपको मौके भुनाने होते हैं, यह कोई अंधा जुआ नहीं है। इसके पीछे काफी सोच होती है।”

  • जब मुंबई इंडियंस लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब पराग ने 16वें ओवर में हार्दिक पांड्या के सामने सीधे जोफ्रा आर्चर को गेंद थमाई, जिन्होंने खतरनाक दिख रहे MI कप्तान को आउट कर मैच राजस्थान की झोली में डाल दिया।

डेटा नहीं, अंतर्ज्ञान (Instinct) है पराग की ताकत

जब रियान पराग से पूछा गया कि क्या उनके ये चौंकाने वाले फैसले क्रिकेट डेटा और आंकड़ों पर आधारित होते हैं या उनके अंतर्ज्ञान पर, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया— “हमेशा अंतर्ज्ञान (Instincts) से।”

इसके अलावा, RR के कप्तान ने इस हाई-प्रेशर मैच में शानदार गेंदबाजी करने के लिए अपने अनकैप्ड गेंदबाजों बृजेश शर्मा और यश राज पुंजा की भी पीठ थपथपाई, हालांकि उन्होंने मजाकिया अंदाज में जोड़ा कि वह युवा खिलाड़ियों की बहुत ज्यादा तारीफ करने से बचते हैं ताकि वे जमीन पर रहें।

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