Entertainment Desk: बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। दोनों अक्सर अपने रिश्ते और निजी जिंदगी से जुड़े अनुभवों के बारे में खुलकर बात करते रहे हैं। अब सुनीता ने अपनी जिंदगी के उस बेहद दर्दनाक दौर को याद किया है, जब उन्होंने अपने दूसरे बच्चे को खो दिया था।
समय से पहले हुआ था बेटी का जन्म
गोविंदा और सुनीता की शादी 1987 में हुई थी। इसके बाद 1989 में उनकी बेटी टीना और 1997 में बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि यशवर्धन के जन्म से पहले यह कपल अपनी एक बेटी को खो चुका था।
अपने यूट्यूब चैनल पर उषा काकड़े के साथ बातचीत के दौरान सुनीता ने बताया कि उनकी दूसरी बेटी का जन्म समय से पहले हुआ था। बच्ची के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए थे, जिसके चलते उसे सांस लेने में परेशानी होती थी।
तीन महीने बाद बेटी ने गोद में तोड़ा दम
सुनीता ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी बेटी करीब तीन महीने तक उनकी गोद में रही। उन्होंने कहा कि एक रात अचानक बच्ची को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और आखिरकार उसने उनकी गोद में ही दम तोड़ दिया।
सुनीता के मुताबिक, यह उनके और गोविंदा के लिए बेहद मुश्किल समय था। बेटी को खोने का दर्द आज भी उनके लिए भावुक कर देने वाला है।
गोविंदा ने मां की सलाह पर किया अंतिम संस्कार
गोविंदा ने भी एक पुराने इंटरव्यू में इस दर्दनाक घटना को याद किया था। उन्होंने बताया था कि अपनी मां की सलाह मानते हुए नवरात्रि के नौवें दिन वह अपनी नन्ही बेटी के पार्थिव शरीर को नदी किनारे ले गए थे।
इस दौरान रास्ते में उन्हें एक महिला दिखाई दी, जो अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को लेकर भीख मांग रही थी। गोविंदा ने इस घटना को जिंदगी की विडंबना बताते हुए कहा था कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो, जीवन कभी-कभी उसे ऐसी परिस्थितियों के सामने खड़ा कर देता है, जहां दौलत और शोहरत भी बेबस नजर आती है।


