Sports Desk: भारतीय क्रिकेट में बिहार का नाम रोशन करने वाले तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार को बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जुलाई में दोनों क्रिकेटरों समेत कुल 19 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। हालांकि, इस सरकारी नौकरी के साथ खिलाड़ियों के सामने एक अहम शर्त भी रखी गई है।
पांच साल तक सक्रिय खिलाड़ी रहना होगा
बिहार सरकार के नियमों के मुताबिक, खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी पाने वाले खिलाड़ियों को एक बॉन्ड भरना होगा। इसके तहत नौकरी ज्वाइन करने की तारीख से अगले पांच वर्षों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहना जरूरी होगा। आकाशदीप और मुकेश कुमार भी इसी शर्त के दायरे में आते हैं।
शर्त पूरी नहीं की तो सेवा स्थायी नहीं होगी
सरकार की ओर से तय नियम के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी पांच साल तक सक्रिय रूप से खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेता है और बॉन्ड की शर्त पूरी नहीं करता, तो उसकी सरकारी सेवा स्थायी नहीं की जाएगी। यानी DSP पद पर नियुक्ति को बरकरार रखने के लिए दोनों क्रिकेटरों को अपने खेल करियर से जुड़ाव बनाए रखना होगा।
मुख्यमंत्री ने सौंपा था नियुक्ति पत्र
आकाशदीप और मुकेश कुमार को ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत सरकारी सेवा में नियुक्त किया गया है। 24 जुलाई को पटना में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपा था। इस मौके पर कुल 19 खिलाड़ियों को सरकारी पदों पर नियुक्ति दी गई।
बिहार सरकार के मुताबिक, यह पहल राज्य के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई है। आकाशदीप और मुकेश कुमार को DSP जैसे उच्च पद पर नियुक्ति मिलना राज्य में खेल प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


