SPORTS DESK : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आगाज के साथ ही भारत की नजरें एक बार फिर शानदार प्रदर्शन पर टिकी हैं। इस बार देश को सबसे अधिक उम्मीद स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू से है। दोनों खिलाड़ियों से स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। भारतीय दल इस बार एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, कुश्ती, मुक्केबाजी और शूटिंग समेत कई खेलों में मजबूत दावेदारी पेश करेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संतुलन भारत को पदक तालिका में बेहतर स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
भाला फेंक में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले नीरज चोपड़ा एक बार फिर भारतीय अभियान की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। वहीं, वेटलिफ्टर मीराबाई चानू भी अपनी श्रेणी में मजबूत दावेदार हैं और उनसे भी स्वर्ण पदक की अपेक्षा की जा रही है। भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय को विश्वास है कि खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा टीम को मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों ने वैश्विक प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे इस बार भी पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
ग्लासगो में होने वाले इन खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों ने लंबे समय तक विशेष प्रशिक्षण लिया है। फिटनेस, तकनीकी सुधार और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि खिलाड़ी बड़े मुकाबलों के दबाव का सामना कर सकें। देशभर के खेल प्रेमियों की नजरें अब भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। यदि नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और अन्य स्टार खिलाड़ी अपने अनुभव के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं, तो भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 यादगार साबित हो सकते हैं।


