Dharam Desk: ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति (गुरु) ग्रह को ज्ञान, भाग्य, विवाह, संतान, धन और धार्मिक कार्य का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में गुरु कमजोर हो, तो कार्यों में रुकावटें आती हैं, विवाह में देरी होती है और मान-सम्मान में कमी आती है।
बृहस्पति ग्रह को मजबूत और अनुकूल बनाने के लिए आप नीचे दिए गए सरल और प्रभावी उपाय कर सकते हैं:
पूजा-पाठ और मंत्र (Spiritual Remedies)
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भगवान विष्णु की पूजा: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। उन्हें पीले फूल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें।
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गुरु मंत्र का जाप: हर गुरुवार को तुलसी की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें:
$$\text{ॐ बृं बृहस्पतये नमः}$$ -
केले के वृक्ष की पूजा: गुरुवार की सुबह केले के पेड़ में जल अर्पित करें, शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उनकी परिक्रमा करें। (ध्यान रहे, इस दिन केले का सेवन न करें)।
दान-पुण्य (Donation)
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पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन किसी ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद को पीले रंग की चीजें दान करें। जैसे—चना दाल, हल्दी, केला, पीले वस्त्र, बेसन के लड्डू या केसर।
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पुस्तकों का दान: धार्मिक पुस्तकों या शिक्षा से जुड़ी सामग्री का विद्यार्थियों को दान करने से भी गुरु ग्रह मजबूत होता है।
खान-पान और जीवनशैली (Diet & Lifestyle)
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पीले रंग का प्रयोग: गुरुवार को पीले रंग के कपड़े पहनें। यदि कपड़े न बदल पाएं, तो पास में पीला रुमाल रखें।
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तिलक लगाएं: रोजाना या हर गुरुवार को अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
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बड़ों का सम्मान: गुरु, माता-पिता, दादा-दादी और वृद्धों का सम्मान करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें। गुरु को प्रसन्न करने का यह सबसे अचूक उपाय है।
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व्रत रखें: यदि संभव हो तो गुरुवार का व्रत रखें। इस दिन नमक का सेवन करने से बचें और सात्विक भोजन करें।
वर्जित कार्य (क्या न करें?)
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गुरुवार के दिन बाल, दाढ़ी या नाखून न काटें।
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इस दिन घर में पोछा लगाने, कपड़े धोने और भारी कबाड़ बाहर निकालने से बचें (इससे गुरु कमजोर होता है)।
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किसी भी बुजुर्ग या ज्ञानी व्यक्ति का अपमान न करें।
विशेष सलाह: यदि आप गुरु का रत्न पुखराज (Yellow Sapphire) धारण करना चाहते हैं, तो किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी कुंडली दिखाकर ही इसे धारण करें।



